Parliament Today: संसद बजट सत्र का चौथा दिन, आज भी हंगामे की भेंट चढ़ सकती है सदन की कार्यवाही
Parliament Today Budget Session 2026: संसद के बजट सत्र का आज यानी 12 मार्च, 2026 को चौथा दिन है। पिछले दो दिनों की गहमागहमी के बाद आज भी सदन में भारी हंगामे के आसार हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई ज्वलंत मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है।
संसद के बजट सत्र का चौथा दिन आज भी काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों की तरह आज भी लोकसभा और राज्यसभा में कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

राजनीतिक दल पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, जबकि सरकार भी अपने रुख को मजबूती से रखने की रणनीति बना चुकी है।
Parliament में इन मुद्दों पर रहेगी विपक्ष की नजर...
बजट सत्र का यह चरण ऐसे समय में हो रहा है जब देश और दुनिया दोनों ही स्तर पर कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा संकट, आर्थिक चुनौतियों और घरेलू राजनीतिक मुद्दों को लेकर संसद में चर्चा की संभावना है।
वेस्ट एशिया संकट पर हो सकती है बहस
पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को अस्थिर कर दिया है। इस संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। ऐसे में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट रुख की मांग कर सकता है। विपक्षी दलों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा, तेल की कीमतों और देश में महंगाई पर पड़ सकता है।
महंगाई और गैस-तेल की कीमतों का मुद्दा
हाल के दिनों में रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच विपक्ष इस मुद्दे को भी जोरदार तरीके से उठा सकता है। विपक्ष का आरोप है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और सरकार को इससे निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पहले से पर्याप्त तैयारी कर रखी है और स्थिति को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।
आर्थिक मुद्दों पर भी सरकार से सवाल
संसद में आज देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, व्यापार और वित्तीय चुनौतियों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। विपक्षी दलों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की रणनीति स्पष्ट होनी चाहिए। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते, आयात-निर्यात और निवेश जैसे विषयों पर भी बहस हो सकती है।
क्या है विपक्ष की रणनीति और सरकार की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक विपक्षी दल संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर चुके हैं। कई दलों ने अपने सांसदों को सदन में सक्रिय रूप से भाग लेने और विभिन्न मुद्दों को उठाने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर सरकार भी विपक्ष के सवालों का जवाब देने और अपने फैसलों का बचाव करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का कहना है कि संसद लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंच है और यहां सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए वह तैयार है।
हंगामे के बीच कामकाज पर नजर
हालांकि पिछले कुछ दिनों में संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है, लेकिन आज भी यह देखना अहम होगा कि क्या हंगामे के बीच महत्वपूर्ण विधायी कामकाज आगे बढ़ पाता है या नहीं। संसद के बजट सत्र का यह चरण देश की राजनीति और नीति निर्माण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऐसे में सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आज सदन में किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा बहस होती है और सरकार व विपक्ष के बीच टकराव किस हद तक बढ़ता है। आज भी अगर विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहता है, तो सदन की कार्यवाही बाधित हो सकती है।












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