किस मकसद से संसद में की गई घुसपैठ? मास्टरमाइंड ललित झा ने खुद कबूला सबकुछ
Parliament security breach News: संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में जांच करने वाले अधिकारियों ने इसके मकसद का खुलासा किया है। जांच करने वाली टीम ने दिल्ली की एक अदालत में बताया है कि आरोपियों ने संसद घुसपैठ के पीछे के मकसद के बारे में पूछताछ में कबूला है।
अधिकारियों ने कहा कि, संसद में घुसपैठ करने वाले समूह देश में अराजकता पैदा करना चाहता था। इतना ही नहीं संसद पर हमला करके आरोपी सरकार को अपनी "अवैध" मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर करना चाहते थे। पूछताछ में संसद सुरक्षा उल्लंघन मामला का मास्टरमाइंड ललित झा ने हमले के पीछे की वजह भी बताई है।

सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए ललित झा ने गुरुवार (14 दिसंबर) देर रात गिरफ्तार होने से पहले पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब कथित तौर पर ललित झा से जुड़े दो लोगों की भूमिका की जांच कर रही है - जिनकी पहचान राजस्थान के नागौर के रहने वाले 27 वर्षीय भाई कैलाश कुमावत और 32 वर्षीय महेश कुमावत के रूप में हुई है।
कोर्ट में अधिकारियों ने क्या-क्या कहा?
- जांचकर्ताओं ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) हरदीप कौर को एक रिमांड आवेदन सौंपा, जिसमें कहा गया कि इस हमले का मास्टर माइंड ललित झा ने कथित तौर पर मामले में अपनी संलिप्तता कबूल कर ली है।
- मामले से परिचित लोगों के मुताबिक रिमांड आवेदन से पता चला कि सभी आरोपी चार पुरुष ललित झा, सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल शिंदे और एक महिला नीलम आजाद कई बार मिले और फिर साजिश को अंजाम दिया।
- आवेदन में कहा गया है कि "ललित झा ने खुलासा किया कि वे देश में अराजकता पैदा करना चाहते थे ताकि वे सरकार को अपनी अवैध मांगों को पूरा करने के लिए मजबूर कर सकें।"
- अधिकारियों ने कहा, आरोपियों ने सबसे पहले स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह से जुड़े एक फेसबुक पेज के सदस्यों के रूप में बातचीत शुरू की। उसके बाद भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रताप सिम्हा से मिले विजिटर पास का उपयोग करके हमले को अंजाम दिया।
- पूछताछ के दौरान, 35 वर्षीय ललिच झा ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि संसद में घुसपैठ के कुछ घंटों बाद, जिस दिन वह भागा था उसी दिन उसने सभी पांच मोबाइल फोन नष्ट कर दिए थे।
- ललित झा ने दावा किया कि उसने कुछ फेंक दिया और कुछ जला दिया। एक जांच अधिकारी ने कहा, उन्होंने (ललित) चैट और संचार के संबंध में सबूत की संभावना को खत्म करने के लिए फोन को नष्ट कर दिया था।
- रिमांड आवेदन में कहा गया है कि ललित झा पर संदेह था कि जब वह बस से राजस्थान के जयपुर की यात्रा कर रहा था तो उसने मोबाइल फोन नष्ट कर दिए थे और उसने कथित तौर पर दिल्ली वापस आते समय अपना फोन फेंकने की बात स्वीकार की थी।












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