'अगर घुसपैठिए मुस्लिम होते...', संसद सुरक्षा उल्लंघन मामले में एक्शन पर भड़का विपक्ष
Parliament Security Breach: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सुरक्षा उल्लंघन मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं घटना के के बाद बड़ा एक्शन लेते हुए 14 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। ऐसे में विपक्ष ने बीजेपी को निशाने पर लिया। दिग्गज कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार विपक्ष की अहमियत का पता नहीं है। वहीं जदयू सांसद राजीव रंजन ने सिंह ने भी इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र के नौवें दिन गुरुवार (14 दिसंबर) की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने संसद सुरक्षा चूक के मामले में जमकर हंगामा किया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी नेताओं ने नारेबाजी की। दिन में कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा। बाद में लोकसभा से विपक्षी पार्टियों के 14 सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया।

ऐसे में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बीजेपी को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को सदन में विपक्ष की जरूरत ही नहीं। उन्होंने कहा, "अगर उन्हें विपक्ष की जरूरत नहीं है, तो उन्हें सभी को निलंबित कर देना चाहिए, क्योंकि वे नहीं चाहते कि कोई सवाल पूछा जाए। हम कह रहे हैं कि गृह मंत्री को आना चाहिए और स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस देश के लोगों को बताएं कि हम सभी सुरक्षित रहेंगे और कार्रवाई करेंगे।
सिब्बल ने आगे कहा कि कल जो हुआ वह सिस्टम की भारी विफलता थी और हम केवल प्रधान मंत्री या गृह मंत्री से एक बयान की उम्मीद कर रहे हैं। आएं और हमें एक स्थिति रिपोर्ट दें, सदन का विश्वास लें और हमें बताएं कि क्या हुआ। कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार है कि विपक्ष को मांग को नजर अंदाज कर रही है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुद्दे पर सरकार बयान ना देने पर अड़ी है।
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा कि अगर ऐसा ही है तो सभी विपक्ष के नेताओं को निलंबित कर देना चाहिए। सिब्बल ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा, "...उन्हें विपक्ष की जरूरत नहीं, सभी को निलंबित कर दें।"
वहीं जदयू के सांसद राजीव रंजन सिंह ने भी बीजेपी की खिंचाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार सांसदों के निलंबन के जरिए अपनी विफलताओं को छिपाना और विपक्ष को डराना चाहती है। उन्होंने कहा, "आपने उनका (बीजेपी) आचरण देखा होगा अगर कल संसद में प्रवेश करने वाले दो व्यक्ति मुस्लिम होते या कांग्रेस सांसद होते जिन्होंने उन्हें पास जारी किया होता।"
दरअसल, संसद सुरक्षा चूक के मामले के बाद हंगामे के दौरान 14 सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया। ऐसे में दिग्गज कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बीजेपी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार विपक्ष की अहमियत का पता नहीं है, वो पूरी तरह विपक्ष को खत्म करने में लगी है।
निलंबित सांसदों में कांग्रेस के टी एन प्रतापन, हिबी ईडन, जोथिमानी, राम्या हरिदास, डीन कुरियाकोस , मनिकम टैगोर, एमडी जावेद, वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन के अलावा CPI (M) और DMK के 2-2 और CPI के एक-एक और राज्यसभा से TMC सांसद डेरेक ओ'ब्रायन का नाम शामिल है।












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