RTE के तहत नियुक्त 11 लाख शिक्षकों को 2019 तक करना होगा B.Ed

RTE के तहत नियुक्त 11 लाख शिक्षकों को 2019 तक करन होगा B.Ed

नई दिल्ली। मंगलवार को राज्यसभा में राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपलसरी एजुकेशन (संशोधन) कानून 2017 पास हो गया। लोकसभा में ये बिल 22 जुलाई को पास हो गया था। यह विधेयक बच्चों के लिए मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 में संशोधन करता है। नए अधिनियम के तहत बेसिक क्वालिफिकेशन नहीं रखने वाले शिक्षकों को 31 मार्च, 2019 तक बीएड करना होगा।

राज्यसभा में राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कम्पलसरी एजुकेशन (संशोधन) कानून

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सदन में बताया कि 2010 में जब आरटीई कानून आया तो क्वॉलिफाइड टीचर्स की कमी के चलते उन टीचर्स को भी नियुक्त कर लिया जिन्होंने बीएड नहीं किया था। लिया था। इनसे 2015 तक बीएड करने को कहा गया था लेकिन देश में अब भी करीब 11 लाख टीचर्स ऐसे हैं जिन्होंने बीएड नहीं किया है। नए कानून के मुताबिक- इन टीचर्स को 2019 तक बीएड पूरा करना होगा।

जावड़ेकर ने सदन में बताया कि प्राइवेट स्कूलों में 7 लाख टीचर्स ऐसे हैं, जिनके पास बेसिक क्वॉलिफिकेशन नहीं है और 1.5 लाख टीचर्स के पास सिर्फ एक साल की ट्रेनिंग है। सरकारी स्कूलों में ऐसे 2.5 लाख टीचर्स हैं। जावडेकर ने कहा सरकार का मकसद इन टीचर्स को बेसिक क्वालीफिकेशन देना है ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार आए।

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