सेना के जवानों के पीछे देश खड़ा है, ये सदन एक स्वर में संकेत देगा: पीएम मोदी
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। संसद की कार्यवाही में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि देश में कोरोना की दवा जब तक नहीं आ जाती है, तब तक ढिलाई नहीं बरतनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोरोना के समय अपने परिवार को जरूर संभालना है। बता दें मानसूद सत्र के दौरान जहां सरकार ने 38 बिल और 11 अध्यादेश को पास कराने का लक्ष्य रखा है तो वहीं विपक्ष ने सत्ताधारी पार्टी को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए कई सांसद पहुंच गए हैं।
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प्रधानमंत्री ने कहा, एक विशिष्ट वातावरण में संसद का सत्र आज प्रारंभ हो रहा है, कोरोना भी है, कर्तव्य भी है और सभी सांसदों ने कर्तव्य का रास्ता चुना है। मैं सभी सांसदों को अभिनंदन और धन्यवाद करता हूं। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण निर्णय होंगे, अनेक विषयों पर चर्चा होगी। कोरोना से बनी जो परिस्थिति है उसमें जिन सतर्कताओं के विषय में सूचित किया गया है उन सतर्कताओं का पालन हम सबको करना ही करना है। और ये भी साफ है कि जब तक दवाई नहीं तब तक कोई ढिलाई नहीं।
उन्होंने कहा, बजट सत्र समय से पहले रोकना पड़ा था, इस बार भी एक बार लोकसभा, एक बार राज्यसभा, समय भी बदलना पड़ा है, इस बार शनिवार भी रविवार भी कैंसिल किया गया है। सभी सांसदों ने इसे स्वीकार करते हुए कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। हम सबका अनुभव है कि लोकसभा में जितनी अधिक चर्चा होती है, जितनी गहन और विविधताओं से भरी चर्चा होती है, उतना सदन को भी, विषयवस्तु को भी और देश को भी बहुत लाभ होता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब हमारी सेना के वीर जवान सीमा पर डटे हुए हैं, बड़ी हिम्मत, जज्बे, बुलंद हौंसलों के साथ दुर्गम पहाड़ियों में डटे हुए हैं। जिस विश्वास के साथ वो खड़े हैं, मातृभूमि की रक्षा के लिए डटे हुए हैं ये सदन भी एक स्वर से, एक भाव से, एक भावना से, एक संकल्प से वो संदेश देगा कि सेना के जवानों के पीछे देश खड़ा है। ये बहुत ही मजबूत संदेश भी ये सदन देगा। ऐसा मेरा पूरा विश्वास है।












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