'मेंटल बैलेंस खो बैठे', जेपी नड्डा के बयान पर आखिर क्यों भड़के मल्लिकार्जुन खड़गे? बोले- मैं इसे नहीं छोडूंगा
Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले पर चर्चा चल रही है। लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया और सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी को जमकर घेरा। वहीं राज्यसभा में सदन के नेता और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसको लेकिन सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और जमकर हंगामा हुआ।
दरअसल, जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खड़गे को वरिष्ठ नेता के तौर पर संबोधित करते हुए कहा कि वो अपना मेंटल बैलेंस खो बैठे हैं। जिस पर खड़गे और नेता सदन जेपी नड्डा के बीच तीखी बहस हुई। नड्डा द्वारा खड़गे पर निशाना साधने के बाद विपक्षी सांसद भड़क गए।

जेपी नड्डा ने क्यों खड़गे को क्यों कहा मेंटल?
मल्लिकार्जुन खड़गे के संबोधन के बाद, केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा, वो एक वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन जिस तरह से उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की, उससे उन्हें दुख हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने खड़गे को पिछले 11 वर्षों से विपक्ष में रखा है, वो दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। पीएम मोदी पर हम सभी को इस पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे अपनी पार्टी की गतिविधियों में इतने व्यस्त हैं कि उनके लिए राष्ट्र का मुद्दा महत्वहीन हो गया है वो 'मेंटल बैंलेस खो बैठे हैं। खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया।"
नड्डा ने मांगी माफी लेकिन खड़गे ने दे डाली चेतावनी
जेपी नड्डा के ये कहते ही सदन में हंगामा मच गया तब इस पर जेपी नड्डा ने कहा कि अगर खड़गे को उनके शब्दों से दुख हुआ है तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं और माफी भी मांगते हैं। इस पर खड़गे प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे नड्डा का आदर करते हैं। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह और नड्डा कुछ ऐसे मंत्री हैं जो अपना संतुलन खोए बिना बात करते हैं। खड़गे ने कहा कि खड़गे ने कहा मुझे मेंटल कहा गया और मैं इसे नहीं छोडूंगा। ये बड़े शर्म की बात है और उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
खड़गे ने पीएम माेदी पर क्या टिप्पणी की, जिस पर भड़के नड्डा
दरअसल, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में सरकार से पूछा था कि क्या सरकार को पहले से पहलगाम हमले की आशंका थी, इसलिए उन्होंने तीन दिन पहले ही अपना दौरा रद्द कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में हालात ठीक नहीं हैं, तो क्या अपनी जान बचाने के लिए दूसरों की जान जाने देना देशभक्ति है?
इससे पहले, खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि विफलताओं के लिए कांग्रेस को दोष देना बंद करो। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी संसद में नहीं बोलना चाहते और उन्हें लोकतांत्रिक सिस्टम में भगवान की तरह नहीं पूजा जाना चाहिए। खड़गे ने यह भी कहा था कि वे 55 साल से विधायक-सांसद हैं, लेकिन उन्हें 'गद्दार' कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गद्दार वे लोग हैं जिन्होंने अंग्रेजों के साथ मिलकर काम किया और आजादी के आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया।












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