Parliament: विशेष सत्र के पहले दिन खड़गे और सभापति में बहस, बीच में कूदने पर जयराम रमेश को पड़ी फटकार
संसद के विशेष सत्र के पहले दिन ही राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ और नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे में जोरदार बहस हुई। कांग्रेस नेता जयराम रमेश भी सदन में मौजूद थे, जो बीच में कूद पड़े। इस पर सभापति ने उनको जमकर सुनाया।
दरअसल खड़गे ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल के सदस्यों को सदन में बोलने नहीं दिया जाता है। इस पर सभापति नाराज हो गए। उन्होंने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। साथ ही विपक्ष को अपने रवैये में बदलाव की सलाह दी।

वहीं सभापति जब बोल रहे थे, तो जयराम रमेश ने कहा कि आप उनके भाषण पर टिप्पणी कर रहे हैं। आप उन्हें भाषण तो खत्म करने दें। इस पर सभापति ने कहा कि ये सदन मेरे द्वारा संचालित होता है। अगर आपको कुछ कहना है तो इस कुर्सी पर आकर बैठिए। इस पर जयराम रमेश ने कहा कि मुझे कुर्सी पर आने की जरूरत नहीं है।
वहीं खड़गे ने आरोप लगाया कि संसद में बोलने की आजादी होनी चाहिए। जब वो छोटी गलती करते हैं, तो उनको बड़ी सजा दी जाती है, लेकिन जब वो (सत्ता पक्ष) गलती करते हैं, तो आप उन्हें माफ कर देते हैं।
इस पर सभापति ने कहा कि आज आप भटके हुए लग रहे हैं। आप मुझे पर ही अटैक कर रहे। कब तक हम व्यवधान को सही बताते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब भी किसी जरूरी मुद्दे पर चर्चा होती है, तो विपक्ष वॉकआउट कर जाता है। वहीं भाषण खत्म होने के बाद जब खड़गे ने धन्यवाद कहा, तो सभापति ने उस पर भी तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि चलिए आपने कम से कम धन्यवाद तो बोला।
पीएम पर साधा निशाना
वहीं खड़गे ने पीएम मोदी पर भी जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि नेहरू जी का मानना था कि मजबूत विपक्ष की अनुपस्थिति का अर्थ है कि व्यवस्था में महत्वपूर्ण खामियां हैं। अगर मजबूत विपक्ष नहीं है तो यह ठीक नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि अब जब एक मजबूत विपक्ष है, तो ED, CBI के माध्यम से इसे कमजोर करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्हें (अपनी पार्टी में) ले जाओ, उन्हें वॉशिंग मशीन में डाल दो और जब वे पूरी तरह साफ होकर बाहर आ जाएं तो उन्हें (अपनी पार्टी में) स्थायी कर दो। आप देख सकते हैं कि आज क्या हो रहा है। पीएम संसद में कम ही आते हैं और जब आते हैं तो इसे इवेंट बनाकर चले जाते हैं।












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