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Parliament Budget Session Day 4 Highlights: लोकसभा में ईंधन संकट पर घमासान, राहुल गांधी को बिरला ने दी नसीहत

Parliament Budget Session Day 4 Highlights: संसद के बजट सत्र के चौथे दिन लोकसभा में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सदन की कार्यवाही की शुरुआत में स्पीकर ओम बिरला अध्यक्षता के लिए वापस लौटे और उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, जवाबदेही और सांसदों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

दिन भर के सत्र में अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा, एलपीजी आपूर्ति की समस्या, ईंधन सुरक्षा को लेकर विपक्ष के सवाल, और अंतरराष्ट्रीय हालात जैसे विषय प्रमुख रहे। इस दौरान सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक और बाद में शाम 5 बजे तक स्थगित भी की गई।

Parliament Budget Session Day 4 Highlights

स्पीकर ओम बिरला का लोकतंत्र और जवाबदेही पर जोर

लोकसभा स्पीकर Om Birla ने सदन में लौटते ही लोकतांत्रिक मूल्यों की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सदन में खुलकर बोलने और विचार रखने से लोकतंत्र मजबूत होता है और जवाबदेही तय होती है।
बिरला ने यह भी कहा कि उनका लगातार प्रयास रहा है कि हर सांसद को अपने विचार रखने का पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने उन सांसदों को भी सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जो सदन में बोलने में संकोच करते हैं।

अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा

सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुपूरक अनुदानों की दूसरी किस्त पर चर्चा सदन के एजेंडे का प्रमुख विषय रही। इस मुद्दे पर विभिन्न दलों के सांसदों ने अपने-अपने विचार रखे और सरकार से वित्तीय प्रबंधन व खर्चों पर जवाबदेही की मांग की।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर संसद में गरमागरम बहस

एलपीजी की कमी का मुद्दा सदन में जोरदार तरीके से उठा। शिवसेना (यूबीटी) की सांसद Priyanka Chaturvedi ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि समस्या के समाधान के लिए कमेटी अब बनाई जा रही है, जबकि यह कदम पहले उठाया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि कई जगहों पर लोग गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं और इसकी कमी साफ दिखाई दे रही है। होटल और रेस्टोरेंट जैसे कई व्यवसाय एलपीजी पर निर्भर हैं और आपूर्ति बाधित होने से उनका काम प्रभावित हो रहा है। चतुर्वेदी ने केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri से इस मुद्दे पर गंभीर और स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

राहुल गांधी का सरकार की विदेश नीति पर सवाल

विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने ईंधन संकट को लेकर सरकार की विदेश नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया है और गलत विदेश नीति के कारण भविष्य में ईंधन एक बड़ी समस्या बन सकता है।
गांधी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते तैयारी नहीं की तो करोड़ों लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय युद्ध केवल इस बात तक सीमित नहीं है कि Iran ईंधन की आपूर्ति करेगा या नहीं, बल्कि यह इससे कहीं बड़ा संकट बन सकता है।

सरकार का जवाब: देश संकट से निपटने को तैयार

भाजपा सांसद Basavaraj Bommai ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि देश किसी भी संभावित संकट का सामना करने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि युद्ध की स्थिति के बावजूद ईंधन आपूर्ति में कोई बड़ी दिक्कत नहीं है और जहाज लगातार आ रहे हैं। सरकार मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करेगी, लेकिन लोगों को घबराकर ईंधन की खरीदारी नहीं करनी चाहिए।

माइक नियंत्रण और बोलने के अधिकार पर स्पीकर ने किया पलटवार

सत्र के दौरान स्पीकर Om Birla ने सदन में माइक नियंत्रण को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के पास माइक को नियंत्रित करने के लिए कोई विशेष बटन नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में कोई भी सदस्य तभी बोल सकता है जब उसकी बारी आती है और यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होता है-चाहे वह सदन का नेता हो, विपक्ष का नेता हो या कोई मंत्री।

राहुल गांधी को ओम बिरला ने दी नसीहत

राहुल गांधी ने ईंधन संकट पर बोलते हुए कहा कि पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने खुद को Jeffrey Epstein का दोस्त बताया है और इस मुद्दे को "समझौते की पहेली" से जोड़ा. इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने उन्हें नियमों के अनुसार बोलने को कहा. जवाब में Rahul Gandhi ने कहा कि वह देशहित, तेल सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा की बात कर रहे हैं और उनके पास एक दस्तावेज है जिसमें आक्रामक फंडिंग की मांग का उल्लेख है.

अविश्वास प्रस्ताव और संसदीय इतिहास का जिक्र

स्पीकर ने बताया कि उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा भारतीय संसदीय इतिहास में तीसरी बार हुई है। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय चर्चा पर वह अपने विचार भी साझा करेंगे।
बुधवार शाम तक लगभग 120 सांसदों ने इस प्रस्ताव के नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव की पहल

एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया पूरी की गई। बताया गया कि आवश्यक हस्ताक्षर जुटा लिए गए हैं और यह पहली बार है जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ इस तरह का नोटिस दिया गया है।

फारूक अब्दुल्ला पर हमले का मुद्दा

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री Farooq Abdullah पर हुए हमले को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री J. P. Nadda ने कहा कि इस घटना को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हमलावर को कानून के दायरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।

ईरान-इजरायल संघर्ष पर शशि थरूर की चिंता

कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान को उन देशों और लोगों का सम्मान करना चाहिए जो उसके साथ दोस्ताना व्यवहार रखते हैं।
थरूर ने कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक जहाज पर हुए हमले का भी जिक्र किया, जिसमें भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में ऐसे लोगों को भी घसीटा जा रहा है जिनका इस युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है।

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