कुलभूषण जाधव को अपील करने का अधिकार देने वाले पाकिस्तानी कानून में पहले अध्यादेश की तरह कई कमियां- भारत
पाकिस्तानी संसद में कुलभूषण जाधव को अपील करने का अधिकार देने वाला जो बिल पास किया गया है, भारत ने उसको लेकर कहा है कि इस बिल में पहले लाए गए अध्यादेश की तरह कई कमियां हैं।
नई दिल्ली, 18 नवंबर। आईसीजे के फैसले के बाद पाकिस्तान की संसद में बुधवार को एक बिल पास किया गया जिसके बाद पाकिस्तानी की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट से मिली मौत की सजा के खिलाफ अपील कर सकेंगे। वहीं भारत ने इस बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवार को कहा कि कुलभूषण यादव को मौत की सजा के खिलाफ अपील करने का अधिकार देने के लिए जो बिल पास किया गया है वह पाकिस्तानी सरकार द्वारा इस मामले में पहले लाए गए अध्यादेश की तरह ही है और इसमें वो सारी कमियां हैं जो अध्यादेश में थीं और यह बिल आईसीजे (अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय) के फैसले का बिल्कुल भी पालन नहीं करता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने मीडियाकर्मियों से कहा, यह कानून केवल पिछले अध्यादेश की कमियों को संहिताबद्ध करता है। उन्होंने कहा, 'हमने पाकिस्तान द्वारा कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले को लागू करने के लिए पहले के अध्यादेश को कानून में लागू करने की रिपोर्ट देखी है।'
यह भी पढ़ें: अब कुत्तों के लिये भी बनाया गया फोन, घर से दूर अपने मालिक से कर सकेंगे वीडियो कॉल पर बात
उन्होंने कहा सच्चाई से आगे कुछ नहीं हो सकता और सच्चाई ये है कि पहले लागे गए अध्यादेश में जाधव के मामले की प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार के लिए तंत्र नहीं बनाया, जैसा कि आईसीजे के फैसले द्वारा अनिवार्य है।
बता दें कि भारतीय नेवी के रिटायर्ड अधिकारी 51 वर्षीय जाधव को पाकिस्तानी मिल्ट्री कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। पाकिस्तान का मानना है कि जाधव एक भारतीय जासूस हैं जबकि भारत इस बात से साफ इनकार करता रहा है। भारत ने जाधव को कांसुलर एक्सेस से इनकार करने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था।
बागची ने आगे कहा कि पाकिस्तान जाधव तक जाधव तक अबाधित और निर्बाध काउंसलर पहुंच से इनकार कर रहा है और ऐसा माहौल बनाने में विफल रहा है जिसमें निष्पक्ष सुनवाई हो सके। उन्होंने कहा कि भारत ने बार-बार पाकिस्तान से आईसीजे के फैसले का पालन करने का आह्वान किया है। बता दें कि इस साल जून में पाकिस्तान ने आईसीजे के फैसले के अनुसार जाधव को अपील करने का अधिकार देने के लिए एक बिल पास किया था, लेकिन भारत ने इस बिल को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह बिल आईसीजे के फैसले का ठीक से पालन नहीं करता है और इसमें कई कमियां हैं, जिन्हें दूर किया जाना चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications