पाकिस्तान से आए हिन्दुओं को मिलेगी भारत की नगारिकता
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। सबसे पहले हम आपको बताना चाहेंगे कि पाकिस्तान से आये हिंदू शर्णार्थियों की समस्याओं को वनइंडिया लगातार उठाता रहा है। इसी क्रम में हम अपको बताना चाहेंगे कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हजारों हिन्दुओं और सिखों को अब भारत की नागरिकता प्रदान की जायेगी।

इस क्रम केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय की भारतीय नागरिकता पाने के रास्ते में आने वाली मुश्किलों पर ध्यान दिया है। आर्य समाज के वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र गंभीर ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे हजारों हिन्दुओं और सिखों को भारत में सम्मान का जीवन व्यतीत करने का मौका मिल जाएगा।
हाथ लिखे आवेदन
इस बाबत फैसला लिया गया कि पात्र आवेदक ऑनलाइन की जगह हाथ से लिखे आवेदन भी दे सकते है। अब दस्ती आवेदन स्वीकर कर लिए जाएंगे। ये आवेदन उन व्यक्तियों के होने चाहिए जो 31 दिसंबर, 2009 से पहले भारत आ गए थे।
जानकारों को मालूम है कि उक्त देशों के बहुत से हिन्दू-सिख भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र पाने के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे थे। ये लोग अब अपने आवेदन पासपोर्ट के साथ दे सकते हैं।
इस बीच, अल्पसंख्यक समुदाय के जो बच्चे अपने माता-पिता के पासपोर्ट के आधार पर भारत आ गए थे वे भी भारतीय नागरिकता के लिए पासपोर्ट के बिना आवेदन दे सकते हैं। ऐसा भारत में बिताई गई अवधि के नियमितीकरण के बाद किया जाएगा। लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय के जिन बच्चों का जन्म भारत में हुआ है वे भी बिना पासपोर्ट के भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन दे सकते हैं। शर्त यह होगी कि भारत में उनके रहने की अवधि का नियमितीकरण हो गया हो। ऐस बच्चों के नाम विदेशी पंजीकरण कार्यालय में नियमितीकरण के लिए संबद्ध जिले में दर्ज कराने होंगे।
जानकारों ने बताया कि सरकार के ताजा फैसले से उन तमाम शरणार्थियों को और धक्के नहीं पड़ेंगे जो भारत की नागरिकता लेने के लिए सरकारी दफ्तरों के लंबे समय से चक्कर लगा रहे थे। यूपीए सरकार के दौर में इनसे सिर्फ वादे किए गए। इन्हें मिला कुछ भी नहीं।












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