बीएसएफ जवान को सौंपने को तैयार पाकिस्तान, चेनाब नदी में बहकर पहुंचा था पाक

सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि पाकिस्तानी रेंजर्स बीएसएफ के जवान को वापस लौटाने को तैयार हो गए हैं।
सत्यशील की सुरक्षित वापसी के लिए बीएसएफ के आला अफसर पाक रेंजर्स के संपर्क में हैं। पाकिस्तान ने इस बात की पुष्टि की है कि भारतीय जवान उनके कब्जे में है।
गौरतलब है कि बीएसएफ का जवान सत्यशील यादव बुधवार को अखनूर के मीरपुर इलाके में अपनी टुकड़ी के साथ गश्त पर था। इसी दौरान वो चेनाब नदी की तेज धार में बहकर पाकिस्तान की सीमा में चला गया।
सत्यशील फिलहाल पाकिस्तानी फौज के कब्जे में है। सत्यशील यूपी के फिरोजाबाद का रहने वाला है और बीएसएफ की 80 बटालियन में तैनात है।
पाकिस्तानी रेंजर ने कहा है कि फिलहाल हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि भारतीय जवान गलती से हमारी सीमा में घुसा या जानबूझकर। हम बीएसएफ अधिकारियों से इस बारे में बात करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक जवान की वापसी के लिए दोनों मुल्कों की फौज के आला अफसर संपर्क में हैं। इस मुद्दे पर 2 बार बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच फ्लैग मीटिंग भी हो चुकी है। बीएसएफ ने सत्यशील की गुमशुदगी का केस अखनूर के खौड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया है।
बीएसएफ की ओर से गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा गया है कि जम्मू कश्मीर में चेनाब नदी की तेज धारा में बह कर पाकिस्तान पहुंच गए अपने एक जवान को लाने के लिए वह सभी प्रयास कर रहा है।
बीएसएफ महानिदेशक डी के पाठक ने कहा, ‘हमने अपने वाघा फ्रंटियर के माध्यम से उन्हें अनुरोध नोट भेजा है और कमांडेंट स्तर की फ्लैग मीटिंग की भी गुजारिश की है। हम अपने जवान को वापस लाने के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं और मुझे आशा है कि उसे शीघ्र ही हमारे पास भेजा दिया जाएगा। '
पाठक ने कहा कि बीएसएफ जवान 30 वर्षीय सत्यशील यादव संयोगवश पाकिस्तान की धरती पर पहुंच गए और वह किसी भी कार्रवाई का हिस्सा नहीं थे।
उन्होंने कहा ,‘हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं। अबतक हमें कोई जवाब नहीं मिला है। लेकिन हमें संकेत मिला है कि शीघ्र ही किसी भी वक्त सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद है। '
यादव बुधवार को अखनूर के पारग्वाल खौर सब सेक्टर में तीन अन्य कर्मियों के साथ गश्ती पर थे। उसी दौरान उनकी नौका में कुछ गड़बड़ी पैदा हो गई।
अधिकारियों के अनुसार जब यह गश्ती दल नदी में एक संकरी जगह से निकलने का प्रयास कर रहा था तब उसका इंजन खराब हो गया। वहां एक बचाव नौका भेजी गयी, यादव के तीन साथी उस नौका से बच निकले लेकिन वह स्वयं पानी की तेज धारा में फंस गए और बह गए।
वह पाकिस्तान के सियालकोट में पहुंच गए। वहां ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया और बाद में रेंजर्स के हवाले कर दिया।












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