बिरयानी नहीं परोस पायेगा बारूद बिछाने वाला पाकिस्तान
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। सरहद से लगे इलाकों में आये दिन बारूद बिछाकर खून की होली खेलने वाले पाकिस्तान को भारत ने उस दस्तरख्वान को बिछाने से महरूरम कर दिया है, जिस पर वो अपनी लज़ीज़ बिरयानी परोस सकता था। भारत का सीधा संदेश है, बारूद या बिरयानी, दोनों में से एक ही चीज दस्तरख्वान में परोसी जा सकती है।

सीधी बात करें तो भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे बेहद तनावपूर्ण रिश्तों और आग में घी डालने का काम करने वाले जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमलों के चलते राजधनी के प्रेस क्लब में आगामी 10 दिसबंर को होने वाला पाकिस्तान फूड फेस्टिवल और सूफी संगीत कार्यक्रम को समर्पित शाम को कैंसिल कर दिया गया है।
प्रेस क्लब के सेक्रेटरी जनरल नदीम काजमी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में सिर्फ इतना कहा कि आगामी 10 दिसंबर को इस्लामाबाद के शैफ और सूफी संगीत के कार्यक्रम को टाला जा रहा है। जानकारों ने बताया कि दोनों पड़ोसी मुल्कों के संबंधों में आई तल्खियों को देखते हुए प्रेस क्लब की तरफ से सारे कार्यक्रम को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया।
उच्चायुक्त भी आने वाले थे
इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त अब्दुल बासित खासतौर पर भाग लेने वाले थे। उम्मीद थी कि सूफी संगीत से जब फुर्सत मिलेगी तो उनसे सवाल पूछे जाएंगे कि आखिर पाकिस्तान अमन के साथ क्यों नहीं रहना चाहता।
वरिष्ठ लेखक और पत्रकार तथा प्रेस क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी दिनेश तिवारी ने बताया कि प्रेस क्लब के पदाधिकियों को लगा कि जब सरहद पर पाकिस्तान लगातार गड़बड़ कर रहा है, इसे देखते हुए उक्त कार्यक्रम को टालना ही ठीक रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी नई तारीखों की घोषणा करने का सवाल ही नहीं है।












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