पहलगाम अटैक में पाकिस्तान का अपनी भूमिका से साफ इनकार, कहा 'इससे कोई लेना-देना नहीं'
Pakistan denies Pahalgam Terror attack: जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव को हवा दी है। हालांकि, घटना के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कहा, "इस हमले से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। पाकिस्तान आतंकवाद की हर रूप में निंदा करता है और हम इस हमले से खुद को पूरी तरह असंबद्ध मानते हैं।"

बता दें कि 20 अप्रैल को पहलगाम में हुए इस हमले में 25 से अधिक नागरिकों की मौत हो गई और कम से कम 20 से अधिक लोग घायल हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग की और फिर भाग निकले। सुरक्षाबलों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी कर दी और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
Pahalgam terror attack पर पाकिस्तान का साफ इनकार
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बयान में कहा, "पागलगाम आतंकी हमले से पाकिस्तान का कोई संबंध नहीं है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह हमला नागालैंड से लेकर कश्मीर तक, मणिपुर में अशांति सहित भारत में केंद्र सरकार के खिलाफ लोगों की प्रतिक्रिया थी और यह हमला घरेलू था। आसिफ ने कहा कि भारत में केंद्र सरकार को नागालैंड, मणिपुर, कश्मीर और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यह घरेलू स्तर पर हो रहा है क्योंकि सरकार कई लोगों का शोषण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन नहीं करते हैं और स्थानीय लोगों को आतंकवादियों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और हमें इस बारे में कोई संदेह नहीं है। हालांकि, अगर स्थानीय ताकतें भारत सरकार को निशाना बना रही हैं, तो पाकिस्तान को निशाना बनाना आसान हो जाता है।
Pahalgam attack पर भारत का स्पष्ट रुख
भारतीय खुफिया एजेंसियों को शक है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान-स्थित आतंकवादी संगठन का हाथ हो सकता है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं जो सीमापार साजिश की ओर इशारा करते हैं।
भारत सरकार ने इस हमले को "कायराना हरकत" करार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है, और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। रक्षा मंत्री ने कहा, "जो भी इस हमले के पीछे है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।"
भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को एक कड़ा विरोध पत्र सौंपते हुए आतंकवादी संगठनों को शरण देने और उन्हें समर्थन देने के आरोप लगाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों को और बिगाड़ सकती हैं। सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में हाल ही में बढ़ती आतंकी गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि सीमा पार से आतंकवाद को नया बल मिल सकता है।












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