पहलगाम हमला: कौन हैं आतंकियों को पनाह देने वाले परवेज अहमद और बशीर अहमद? कोर्ट ने भेजा रिमांड पर
Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दो स्थानीय लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन दोनों ने हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को पनाह दी थी। दोनों लोगों की पहचान परवेज अहमद जोथर और बशीर अहमद जोथर के रूप में हुई है।
परवेज अहमद जोथर पहलगाम के बटकोट का रहने वाला है। वहीं बशीर अहमद जोथर पहलगाम के ही हिल पार्क का रहने वाला है। परवेज अहमद और बशीर अहमद को जम्मू की अदालत में 23 जून 2025 को पेश किया गया। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज ने एनआईए को दोनों आरोपियों की पांच दिन की रिमांड दी है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जून 2025 को निर्धारित की गई है।

NIA के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकवादियों के नामों का भी खुलासा किया है। ये आतंकी पाकिस्तान के नागरिक थे और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े हुए थे। NIA के मुताबिक परवेज अहमद और बशीर अहमद ने यह भी पुष्टि की है कि हमले में शामिल तीनों आतंकी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे।
परवेज और बशीर ने पहलगाम हमले से पहले तीनों आतंकियों को कहां रखा था?
एनआईए की जांच मुताबिक परवेज और बशीर ने हमले से पहले हिल पार्क में मौसमी ढोक (झोपड़ी) में तीन हथियारबंद आतंकवादियों को जानबूझकर पनाह दी थी। दोनों लोगों ने आतंकवादियों को भोजन, शेल्टर और अन्य जरूरी चीजें मुहैया कराई थी।
परवेज अहमद और बशीर अहमद को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। फिलहाल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद दर्ज किए गए आरसी-02/2025/एनआईए/जेएमयू मामले की आगे की जांच कर रही है।
इस पूरे मामले पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा,
"अब हम उनसे पता लगाएंगे कि वे (आतंकवादी) कौन थे और कहां से आए थे। अगर उन्होंने उन्हें सही तरीके से पकड़ा है, तो यह हमारे लिए बहुत अच्छी बात है कि धीरे-धीरे हम उन लोगों तक पहुंच जाएंगे जिन्होंने पहलगाम हमला किया।"
पहलगाम हमले में धर्म के आधार पर की गई थी टारगेट किलिंग
पहलगाम हमले के दिन आतंकियों ने धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी, जिससे यह हमला अब तक के सबसे वीभत्स आतंकवादी हमलों में से एक माना जा रहा है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और 16 अन्य घायल हो गए थे।
भारत की जवाबी कार्रवाई: ऑपरेशन सिंदूर
हमले के बाद भारत ने 7 मई 2025 को 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया। इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच तीन दिन तक सैन्य टकराव भी हुआ।
इस महीने की शुरुआत में एफएटीएफ (Financial Action Task Force) ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की थी। FATF ने कहा कि इस तरह के आतंकी हमले धन और फंड ट्रांसफर के नेटवर्क के बिना संभव नहीं होते। संस्था ने आतंकी वित्तपोषण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई।
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