'इतने से नहीं चलेगा काम', पहलगाम हमले पर ओवैसी ने निकाला गुस्सा, केंद्र को दी 'पाक के घर में घुसने' की सलाह
Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में गुस्सा है। इस हमले में 25 भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई। अब विपक्ष ने भी पाकिस्तान पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।
AIMIM प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब सिर्फ "घर में घुसकर मारने" की बात नहीं होनी चाहिए, बल्कि "घर में घुसकर बैठने" का वक्त आ गया है। ओवैसी ने कहा कि संसद पहले ही तय कर चुकी है कि PoK भारत का हिस्सा है, इसलिए अब सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।

ओवैसी का पाकिस्तान पर सीधा हमला
ओवैसी ने कहा, "बीजेपी हमेशा कहती है कि घर में घुसकर मारेंगे। अगर इस बार सच में कार्रवाई हो रही है, तो पाकिस्तान में घुसकर बैठ जाना चाहिए।" ओवैसी ने ये बातें हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए कहीं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद पहले ही तय कर चुकी है कि PoK भारत का हिस्सा है, इसलिए अब सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।
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केंद्रीय गृह मंत्री का जवाब
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति बिलकुल साफ है - जीरो टॉलरेंस। शाह ने कहा, "आतंकी यह न सोचें कि उन्होंने कुछ बड़ा कर लिया है। ये लड़ाई अब भी जारी है। हम एक-एक का बदला लेंगे।"
प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा बैठक
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की अहम बैठक बुलाई। यह बैठक पहलगाम हमले के बाद दूसरी बार हुई। इसमें हमले की जानकारी, सुरक्षा की तैयारियों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
'2019 में ही कर लेना था कब्जा'
ओवैसी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "घर में घुस के मारेंगे" के नारे के बजाय भारत को इस क्षेत्र पर कब्जा कर लेना चाहिए। AIMIM प्रमुख ने 2019 में नियंत्रण रेखा के पार आतंकवादी लॉन्च पैड को जब्त करने के लिए कार्रवाई न करने के लिए केंद्र की आलोचना की।
उन्होंने कहा, "काश 2019 में नरेंद्र मोदी ने लॉन्च पैड की जमीन हासिल कर ली होती, जहां से आतंकवादी काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वे उनके पास जाएंगे और उन्हें मार देंगे; इस बार आपको वहां जाना चाहिए और बस कब्जा कर लेना चाहिए।"
हमले की जांच और पाकिस्तान पर सख्त कदम
बैठक में बताया गया कि हमला जम्मू-कश्मीर में चुनाव के सफल आयोजन और आर्थिक विकास को रोकने की कोशिश के तौर पर किया गया। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस हमले में शामिल सभी आतंकियों और उनकी मदद करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।
सिंधु जल संधि पर बड़ा फैसला
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि पाकिस्तान को सख्त संदेश देने के लिए सिंधु जल संधि को फिलहाल रोक दिया जाएगा। यह दिखाता है कि भारत अब सीमा पार से होने वाले आतंकवाद को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगा।
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