Pahalgam attack: "काफिर शब्द का इस्तेमाल बंद हो", तहसीन पूनावाला ने मोदी सरकार से क्यों की अपील
Pahalgam attack: कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। कश्मीर में पर्यटकों की हत्या की घटना के बाद हर भारतीय का खून खौल उठा है। वहीं इस सबके बीच राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने भारत सरकार से एक बड़ी डिमांड कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने नफरत और भेदभाव फैलाने में इसके दुरुपयोग के कारण "काफ़िर" शब्द को गैरकानूनी घोषित करने की अपील की है।

पूनावाला ने कहा एससी-एसटी अधिनियम में कई ऐसे शब्द हैं। उन्होंने कहा यूरोप में सार्वजनिक अपमान और अभद्र भाषा को रोकने के लिए कुछ शब्दों पर प्रतिबंध लगाया गया है।
पूनावाला ने दावा किया कि "काफ़िर" शब्द के अपमानजनक उपयोग ने हाल ही में हुए हमले में भूमिका निभाई, जहां इसका इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना ने नफरत फैलाने वाले भाषण में किया था, जिसके कारण हिंदुओं को टारगेट कर उनकी हत्या हुई।
पूनावाला ने चिंता जताते हुए कहा "मैं मौजूदा सरकार और संसद से अपील करता हूं कि 'काफिर' शब्द का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्हें किसी को अपमानित करने या किसी के प्रति नफ़रत फैलाने के लिए सार्वजनिक बातचीत में इस शब्द के इस्तेमाल की अनुमति नहीं देनी चाहिए और इसे दंडनीय अपराध बनाना चाहिए।"
पूनावाला ने ये अपील पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद की है। जिसमें 26 लोगों की जान चली गई है, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय निवासी शामिल थे। इस आतंकी घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ भारतीय सुरक्षा बल अपराधियों की गहन तलाश कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने आतंकवादी गतितिवधियों में शामिल लोगों के लिए गंभीर परिणाम भुगतने की बात कही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सलाह दी है कि आगे की घटनाओं को रोकने के लिए सभी पाकिस्तानियों को राज्यों से निकाल दिया जाना चाहिए।
बता दें पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की। हमले से जुड़े दो आतंकवादियों के घरों को जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के तहत नष्ट कर दिया गया। बिजबेहरा में लश्कर आतंकवादी आदिल हुसैन के घर को IED का इस्तेमाल करके ध्वस्त कर दिया गया, जबकि त्राल में आसिफ शेख की संपत्ति को बुलडोजर से गिरा दिया गया।
इसके अलावा, अनंतनाग पुलिस ने आदिल हुसैन और दो पाकिस्तानी नागरिकों अली भाई और हाशिम मूसा की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे हमले में शामिल हैं। पुलिस ने इन लोगों के स्केच जारी किए हैं और उन्हें पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है, जो लगभग दो साल से घाटी में सक्रिय हैं।
#WATCH | Delhi | Political Analyst Tehseen Poonawalla says, "I appeal to the current government and the Parliament that the word 'kafir' is being misused. They should disallow the use of this word in public discourse to humiliate someone or spread hatred towards someone, and make… pic.twitter.com/drXRzPEmAi
— ANI (@ANI) April 25, 2025












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