Video:'ऑपरेशन सिंदूर नाम सुन रोई हूं, मोदी ने सुहाग का बदला लिया', पहलगाम पीड़ितों को अब मिला सुकून
Operation Sindoor: 'ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनकर हमारे तो आंसू नहीं रूक रहे थे। हम ये सुनकर बहुत रोए हैं...। ये मोदी सरकार जो देश की महिलाओं को बहन मानती है..उन्होंने सच में आज अपनी बहनों के सुहाग का बदला ले लिया है। 15 दिनों के अंदर इतना बड़ा हमला...ये आतंकवादियों द्वारा मारे गए लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। आज हमें थोड़ा सुकून मिला है।' ये प्रतिक्रिया पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए संतोष जगदाले की बेटी असावरी जगदाले ने भारत के "ऑपरेशन सिंदूर" पर दिया है।
6 मई की देर रात 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारत की तीनों सेनाओं ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिज्बुल के कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। यह कार्रवाई रात के करीब 1:30 बजे हुई है। भारतीय सेना की ओर से 1:44 मिनट पर इसकी अधिकारिक जानकारी दी गई। सूत्रों के मुताबिक फिलहाल दावा किया जा रहा है कि इस हमले में पाकिस्तान के कई आतंकियों की मौत हो चुकी है। इस हमले का मकसद आतंकियों के लॉन्चपैड्स और हथियारों के भंडार को तबाह करना था।

पहलगाम हमले में मारे गए पीड़ित के परिवारों ने क्या-क्या कहा?
पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों में से एक संतोष जगदाले की बेटी असवारी जगदाले ने भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। गदाले ने कहा,
"हम खुशी से रो रहे थे। मोदी ने बदला लिया है और जिस तरह से ऑपरेशन का नाम रखा गया था, उससे हमारे आंसू नहीं रुक रहे थे। जिन बहनों के सिंदूर (वैवाहिक स्थिति का प्रतीक) को इन आतंकवादियों ने मिटा दिया था - भारत ने उन पर नौ स्थानों पर हमला किया है। यह वास्तव में अलग लगता है और हमारी खुशी के आंसू बस नहीं रुक रहे हैं।"
पहलगाम हमले के एक अन्य पीड़ित शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना द्वारा उठाए गए कदम ने देश की सरकार में विश्वास की भावना पैदा की है। उन्होंने कहा,
"मैं लगातार समाचार देख रहा हूं। मैं भारतीय सेना को सलाम करता हूं और पीएम मोदी को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने देश के लोगों का दर्द सुना। जिस तरह से भारतीय सेना ने पाकिस्तान में पनप रहे आतंकवाद को खत्म किया है, उसके लिए मैं हमारी सेना को धन्यवाद देता हूं... जब से हमने यह खबर सुनी है, मेरा पूरा परिवार हल्का महसूस कर रहा है।''
शुभम द्विवेदी के रिश्तेदार मनोज द्विवेदी ने कहा कि पीड़ितों को आखिरकार न्याय मिला है। वो बोले,
"22 अप्रैल को जब हमारे बच्चे की जान चली गई, तो हमने कहा था कि हमारे देश में क्रांति आने वाली है और हमें यकीन था कि पीएम मोदी आतंकवाद को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाएंगे। मैं पीएम मोदी को उस सच्ची श्रद्धांजलि के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं जो सेना ने आज हमारे बेटे को दी है...।''












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