Padmavati Controversy: राजपूतों पर थरूर ने साधा निशाना तो स्मृति ने की बोलती बंद
Recommended Video

नई दिल्ली। एक बार फिर से दो दिग्गज आमने सामने हैं, जिन्होंने ट्विटर के जरिए एक-दूसरे के खिलाफ युद्ध छेड़ा है, जिनमें से एक हैं ट्विटर किंग शशि थरूर तो वहीं दूसरी ओर हैं भाजपा की तेज तर्रार महिला नेत्री स्मति इरानी, जिन्होंने थरूर से उन्हीं के अंदाज में जवाब मांगा है , स्मृति ने ट्वीट किया कि क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे??? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह? मालूम हो कि थरूर ने एक दिन पहले एक चैट शो में कहा था कि आज जो महाराजा बनकर एक फिल्ममेकर के पीछे पड़े हैं और अपनी इज्जत का हवाला दे रहे हैं, ये वो ही लोग हैं जब अंग्रेज भारत में आए थे तो ये डर के मारे उनके साथ हो लिए थे और भारत मां के विरोध में खड़े थे। जिसके बाद भाजपा ने थरूर के बयान को राजपूतों के खिलाफ बता दिया था जिस पर थरूर ने वापस अपने पक्ष को साफ किया था।

थरूर ने ट्वीट किया था कि कुछ भाजपाई अंधभक्तों द्वारा साज़िशन झूठा प्रचार किया जा रहा है कि मैंने राजपूत समाज के सम्मान के ख़िलाफ़ टिप्पणी की है, मैंने राष्ट्र हित में अंग्रेज़ हकूमत के कार्यकाल का विरोध करते हुए ऊन राजाओं की चर्चा की थी जो स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेज़ के साथ थे।मैं यह भी निर्भीक होकर कहूँगा की भारत की विविधता व समरस्ता के मध्यनज़र राजपूत समाज की भावनाओ का आदर किया जाना सबका कर्तव्य है। राजपूतों की बहादुरी हमारे इतिहास का हिस्सा है व इस पर कोई प्रश्न नहीं उठा सकता। भाजपा व उसके सेन्सर बोर्ड को ईन भावनाओ का सम्मान करना चाहिए।
क्यों मचा है बवाल
भंसाली ने ये फिल्म 700 सौ साल पुराने एक इतिहास पर बनाई है, फिल्म में में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के रिश्ते को दिखाया गया है, कहा जा रहा है फिल्म खिलजी के एक तरफा प्यार की कहानी कहती है, फिल्म में खिलजी और रानी पद्मावती का एक ड्रीम सिक्वेंस हैं। फिल्म में रानी पद्मावती बनी दीपिका पादुकोण जो घूमर कर रही हैं, उस पर भी करणी सेना ने कहा है कि वो गलत है, महिलाएं कभी भी मर्दो के सामने घूमर नहीं करती हैं। पहले इस फिल्म का विरोध करणी सेना ने किया था, धीरे-धीरे इस विवाद में राजनेता कूद पड़े हैं जिसके बाद अब इस फिल्म की रिलीज पर संकट के बादल छा गए हैं।
1/2 कुछ भाजपाई अंधभक्तों द्वारा साज़िशन झूठा प्रचार किया जा रहा है कि मैंने राजपूत समाज के सम्मान के ख़िलाफ़ टिप्पणी की हैI मैंने राष्ट्र हित में अंग्रेज़ हकूमत के कार्यकाल का विरोध करते हुए ऊन राजाओं की चर्चा की थी जो स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेज़ के साथ थे।
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) November 16, 2017
2/2 मैं यह भी निर्भीक होकर कहूँगा की भारत की विविधता व समरस्ता के मध्यनज़र राजपूत समाज की भावनाओ का आदर किया जाना सबका कर्तव्य है। राजपूतों की बहादुरी हमारे इतिहास का हिस्सा है व ईस पर कोई प्रश्न नहीं उठा सकता। भाजपा व उसके सेन्सर बोर्ड को ईन भावनाओ का सम्मान करना चाहिए।
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) November 16, 2017
क्या सभी महाराजाओं ने ब्रिटिश के सामने घुटने टेके थे??? शशि थरूर की इस टिप्पणी पर क्या कहेंगे ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्गी राजा और अमरिंदर सिंह? https://t.co/1GY9RiPut4
— Smriti Z Irani (@smritiirani) November 17, 2017












Click it and Unblock the Notifications