Padma Awards: वेंकैया नायडू को पद्म विभूषण तो मिथुन को पद्म भूषण पुरस्कार, यहां देखें विजेताओं की पूरी LIST
Padma Awards 2024: केंद्र सरकार ने 75 वें गणतंत्र दिवस समारोह की पूर्व संध्या यानी गुरुवार शाम प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है। जिनमें भारत की पहली मादा हाथी महावत पारबती बरुआ को इस साल पद्म श्री (Padma Shri) पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
वहीं, पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) से मशहूर अभिनेत्री वैजयंती माला बाली, कोनिदेला चिरंजीवी, एम वेंकैया नायडू, बिंदेश्वर पाठक (मरणोपरांत) और पद्मा सुब्रमण्यम को सम्मानित किया गया है। पद्म भूषण (Padma Bhushan) पुरस्कार पाने वालों में सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश एम फातिमा बीवी (मरणोपरांत), अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती और बॉम्बे समाचार के मालिक होर्मूसजी एन क नाम शामिल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उन सभी लोगों को बधाई दी है, जिन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कहा कि भारत विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान को महत्व देता है। वे अपने असाधारण कार्यों से लोगों को प्रेरित करते रहें।
आइए जानते हैं किन-किन महान हस्तियों को मिला सम्मान?
5 पद्म विभूषण से सम्मानित
वैजयंती माला बाली (कला) - तमिलनाडु
कोनिडेला चिरंजीवी (कला) - आंध्र प्रदेश
एम वेंकैया नायडू (सार्वजनिक मामले) - आंध्र प्रदेश
बिंदेश्वर पाठक (सामाजिक कार्य) - बिहार
पद्मा सुब्रह्मण्यम (कला) - तमिलनाडु
पद्म भूषण 2024 से ये सम्मानित
- एम फातिमा बीवी (सार्वजनिक मामले) - केरल
- होर्मूसजी एन कामा (साहित्य एवं शिक्षा) - महाराष्ट्र
- मिथुन चक्रवर्ती (कला) - पश्चिम बंगाल
- सीताराम जिंदल (व्यापार और उद्योग) - कर्नाटक
- यंग लियू (व्यापार और उद्योग) - ताइवान
- अश्विन बालचंद मेहता (मेडिसिन) - महाराष्ट्र
- सत्यब्रत मुखर्जी (सार्वजनिक मामले) - पश्चिम बंगाल
- राम नाईक (सार्वजनिक मामले) - महाराष्ट्र
- तेजस मधुसूदन पटेल (मेडिसिन) - गुजरात
- ओलानचेरी राजगोपाल (सार्वजनिक मामले) - केरल
- दत्तात्रेय अंबादास मयालू उर्फ राजदत्त (कला) - महाराष्ट्र
- तोगदान रिनपोछे (अन्य - अध्यात्मवाद) - लद्दाख
- प्यारेलाल शर्मा (कला) - महाराष्ट्र
- चन्द्रेश्वर प्रसाद ठाकुर (चिकित्सा)-बिहार
- उषा उथुप (कला) - पश्चिम बंगाल
- विजयकांत (कला) - तमिलनाडु
- कुन्दन व्यास (साहित्य एवं शिक्षा-पत्रकारिता)-महाराष्ट्र
- गुमनाम नायक पारबती बरुआ - भारत की पहली मादा हाथी महावत
- चामी मुर्मू - प्रसिद्ध आदिवासी पर्यावरणविद्
- संगथंकिमा - मिजोरम की सामाजिक कार्यकर्ता
- जागेश्वर यादव - आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता
- गुरविंदर सिंह-सिरसा के दिव्यांग सामाजिक कार्यकर्ता
- सत्यनारायण बेलेरी - कासरगोड के चावल किसान
- दुखु माझी - सिंदरी गांव के आदिवासी पर्यावरणविद्
- के चेल्लाम्मल - अंडमान के जैविक किसान
- हेमचंद मांझी - नारायणपुर के चिकित्सक
- यानुंग जमोह लेगो - अरुणाचल प्रदेश के हर्बल चिकित्सा विशेषज्ञ
- सोमन्ना - मैसूरु के आदिवासी कल्याण कार्यकर्ता
- सरबेश्वर बसुमतारी - चिरांग के आदिवासी किसान
- प्रेमा धनराज - प्लास्टिक सर्जन और सामाजिक कार्यकर्ता
- उदय विश्वनाथ देशपांडे - अंतरराष्ट्रीय मल्लखंभ कोच
- यज़्दी मानेकशा इटालिया - सिकल सेल एनीमिया में विशेषज्ञ माइक्रोबायोलॉजिस्ट
- शांति देवी पासवान और शिवन पासवान - पति-पत्नी की जोड़ी गोदना चित्रकार
- रतन कहार - भादू लोकगायक
- अशोक कुमार विश्वास - विपुल टिकुली चित्रकार
- बालकृष्णन सदनम पुथिया वीटिल - प्रतिष्ठित कल्लुवाझी कथकली नर्तक
- उमा माहेश्वरी डी - महिला हरिकथा प्रतिपादक
- गोपीनाथ स्वैन - कृष्ण लीला गायक
- स्मृति रेखा चकमा - त्रिपुरा की चकमा लोनलूम शॉल बुनकर
- ओमप्रकाश शर्मा - माच थिएटर कलाकार
- नारायणन ईपी - कन्नूर के अनुभवी थेय्यम लोक नर्तक
- भागवत पधान - सबदा नृत्य लोक नृत्य विशेषज्ञ
- सनातन रुद्र पाल - प्रतिष्ठित मूर्तिकार
- बदरप्पन एम - वल्ली ओयिल कुम्मी लोक नृत्य के प्रतिपादक
- जॉर्डन लेप्चा - लेप्चा जनजाति के बांस शिल्पकार
- माचिहान सासा - उखरुल का लोंगपी कुम्हार
- गद्दाम सम्मैया - प्रख्यात चिंदु यक्षगानम थिएटर कलाकार
- जानकीलाल - भीलवाड़ा के बहरूपिया कलाकार
- दसारी कोंडप्पा - तीसरी पीढ़ी के बुर्रा वीणा वादक
- बाबू राम यादव - पीतल मरौरी शिल्पकार
- नेपाल चंद्र सूत्रधार - तीसरी पीढ़ी छऊ मुखौटा निर्माता
बॉलीवुड का भी नाम रोशन
वैजयंती माला को भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अदाकारा और डांसर में से एक माना जाता है। 1955 की फिल्म 'देवदास' में चंद्रमुखी के किरदार के लिए उन्होंने खूब प्रशंसा बटोरी। वह बीआर चोपड़ा की 'नया दौर' का भी हिस्सा थीं, जिसमें उन्होंने दिवंगत अभिनेता दिलीप कुमार के साथ अभिनय किया था। वहीं, मिथुन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत मृगया (1976) से की। अपने अभिनय के लिए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। बाद में, उन्होंने ताहादेर कथा (1992) और स्वामी विवेकानंद (1998) में अपनी भूमिकाओं के लिए दो और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते।












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