8 हफ्तों बाद मोदी सरकार बताएगी क्यों हुई ओआरओपी में देरी
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को आठ हफ्तों का समय दिया है कि वह कोर्ट को बताए वन रैंक वन पेंशन यानी ओआरओपी को लागू करने में इतनी देरी क्यों हुई है। सुप्रीम कोर्ट के पास जब यह मसला पहुंचा तो कोर्ट ने केंद्र सरकार से आठ हफ्तों के अंदर लिखित जवाब दाखिल करने को कहा।

हाल ही में केंद्र सरकार ने उस गजट में कुछ बदलाव किए हैं जिसे पिछले वर्ष जारी किया था। पटना हाईकोट्र के पूर्व चीफ जस्टिा एन नरसिम्हन रेड्डी की अगुवाई वाली कमेटी को 14 जून तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी थी।
माना जा रहा है कि सरकार इसी वजह से ही सिफारिशों को लागू नहीं कर पा रही है। पहले इस कमेटी को अपनी रिपोर्ट 14 दिसंबर तक देनी थी।
सात नवंबर 2015 को सरकार ने घोषणा की थी कि वह ओआरओपी की सिफारिशों को लागू करेगी जिसके बाद आर्म्ड फोर्सेज के सभी रिटायर्ड पर्सनल को एक ही जैसी पेंशन मिलेगी। लेकिन इस स्कीम का विरोध जारी रहा क्योंकि रिटायर्ड सैन्यकर्मियों का मानना था कि इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने अपनी लड़ाई को इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ले जाने का मन बनाया। उनका कहना था कि इस योजना को लागू करने में देरी हो रही है और सरकार को प्रक्रिया में तेजी लानी होगी।












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