Orionid meteor shower आज रात आसमान में दिखेगा दीवाली जैसा नजारा, होगी टूटते तारों की शानदार आतिशबाजी

Orionid meteor shower खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अगले कुछ दिन बहुत ही अविश्वसनीय रहने वाले हैं। 25 अक्टूबर को रूस, कजाकिस्तान और भारत में इस साल का अंतिम आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। लेकिन उससे पहले आपको उल्का पिंड़ों की बारिश का अद्भुद नजारा देखने को मिलेगा। प्रकृति आज रात ही आसमान में आतिशबाजी करने जा रही है। हम इस महीने की शुरुआत में ड्रेकॉइड्स देखे जा चुके हैं और अब दुनिया ओरियोनिड देखेगी।

हर साल अक्टूबर होती है ये आतिशबाजी

हर साल अक्टूबर होती है ये आतिशबाजी

ओरियोनिड उल्कापिंडो की बौछार आज रात सबसे ज्यादा होगी। बड़ी संख्या में छोटे-छोटे उल्कापिंड हमारे वायुमंडल के संपर्क में आएंगे। जिसके घर्षण से ये आग के गोले में तब्दील होकर चमक बिखेरेंगे। बता दें कि ओरियोनिड उल्कापिंडो की बौछार हर साल अक्टूबर के महीने में होती है। लेकिन आसमान में होने वाली इस आतिशबाजी के देखने के लिए आपको सही समय का पता होना चाहिए। अगर आप इसे देखना चाहते हैं तो सबसे अच्छा जरिया ऑनलाइन टेलीस्कोप है।

इस वजह से होती ये तारों की बारिश

इस वजह से होती ये तारों की बारिश

ओरियोनिड उल्कापिंड बारिश हैली धूमकेतु के कारण होती है। हर 75 साल में हैली का धूमकेतु पृथ्वी के करीब से गुजरता है। जो अपने पीछे बडी तादात में मलबे और धूल को छोड़ जाता है। धरती के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से ये उल्कापिंड वायुमंडल में तेजी से प्रवेश करते हैं। धरती के वायुमंडल से घर्षण के कारण इन उल्कापिंडों में आग लग जाती है जिससे ये अपने पीछे प्रकाश की एक लकीर छोड़ने लगते हैं।

हर घंटे टूटेंगे 20 उल्कापिंड

हर घंटे टूटेंगे 20 उल्कापिंड

माना जाता है कि ओरियोनिड उल्कापिंडो की उत्पत्ति ओरियन द हंटर नक्षत्र से हुई है। जिसके नाम पर इस उल्कापिंडो का नामांकरण किया गया है। स्पेसवेदर डॉट कॉम द्वारा ओरियोनिड उल्कापिंड बारिश की जानकारी साझा की गई है। इसके मुताबिक 21 अक्टूबर को 20 उल्का / घंटे के साथ ये बारिश होगी। जो उस समय अपने चरम पर होगी।

यहां लाइव देख पाएंगे ये शानदार नजारा

यहां लाइव देख पाएंगे ये शानदार नजारा

ओरियोनिड्स पृथ्वी के वायुमंडल से 148,000 मील प्रति घंटे की गति से दाखिल होंगे। वेबसाइट के मुताबिक इसे देखने का सबसे अच्छा समय रात एक बजे से सूर्योदय तक रहेगा। इन उल्कापिंडों की बारिश को दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर देखा जा सकता है। आप इसे ऑनलाइन देख सकते हैं।

टूटता हुआ तारा नहीं ये Meteor होते हैं

टूटता हुआ तारा नहीं ये Meteor होते हैं

यूट्यूब पर मौजूद THEREALPAX, Live Meteors, Secrets of Space और The Muddy Show जैसे एस्ट्रोनॉमी चैनल्स इस आतिशबाजी का लाइव वेबकास्ट करेंगे। इसके अलावा कई ऐसे एंड्रायड और आईओएस ऐप हैं जो मुफ्त या प्रीमियम सब्सक्रिप्शन में इस नजारे को दिखाएंगे। इनमें स्काईव्यू लाइट, स्काईसफरी और स्काई मैप शामिल हैं। उल्कापिंड ऐस्टरॉइड यानी स्पेस की चट्टान का हिस्सा होते हैं। किसी वजह से ऐस्टरॉइड के टूटने पर उनका छोटा सा टुकड़ा उनसे अलग हो जाता है जिसे उल्कापिंड यानी meteroid कहते हैं। जब ये उल्कापिंड धरती के करीब पहुंचते हैं तो वायुमंडल के संपर्क में आने पर जल उठते हैं। जिसे हम टूटता हुआ तारा कहते है लेकिन ये वाकई में तारे नहीं होते। इन्हें Meteor कहा जाता है

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