CAPF कैंटीन से 1,026 'इंपोर्टेड आइटम' बेचने पर रोक वाला आदेश वापस
नई दिल्ली- पैरामिलिट्री कैंटीन में 1,026 आयातित सामानों को बेचने पर रोक लगाने वाला आदेश सरकार ने कुछ ही घंटे में वापस ले लिया है। जिन सामानों पर इन कैंटीन में बिक्री पर रोक लगाई गई थी, उनमें चॉकलेट, जूते, गजेट शामिल हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को अपना आदेश वापस लेते हुए कहा है कि संशोधित सूची जल्द जारी की जाएगी।

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक इससे पहले सोमवार को ही जारी किए गए आदेश में कहा गया था कि अब से सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स कैंटीन में माइक्रोवेव ओवन, ब्रैंडेड जूते, चॉकलेट, गजेट और पोलरॉयड के अलावा 1,000 से ज्यादा आयातित सामान उपलब्ध नहीं होंगे और गृहमंत्रालय की पुरानी गाइडलाइंस के तहत इन कैंटीन्स में 1 जून यानि सोमवार से सिर्फ स्वदेशी उत्पाद ही बेचे जाएंगे। माना जा रहा है कि संशोधित आदेश आज ही शाम में सामने आ जाएगा, जिसमें कैंटीन में बिक्री से हटाए गए उत्पादों की पूरी नई लिस्ट होगी।
पिछले महीने गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि सीएपीएफ कैंटीन में सिर्फ स्वदेशी सामान ही बेचे जाएंगे। गृहमंत्रालय के आदेश के मुताबिक जून से इन कैंटीनों में सिर्फ भारत में बने हुए उत्पादों की ही बिक्री होगी। पहले के आदेश में जिन कंपनियों के प्रोडक्ट को लिस्ट से पूरी तरह से हटा दिया गया था, उनमें स्केचर्स, फेरारो इंडिया और रेडबुल इंडिया भी शामिल हैं। विक्रोटनिक्स, सैफिलो (पोलरॉयड) को भी सीएपीएफसी में बेचने पर पाबंदी लगा दी गई थी। बता दें कि केंद्रीय पुलिस भंडार, जो कि पार्लियामेंट्री कैंटीन्स की पैरेंट बॉडी है, उसने उत्पादों को तीन श्रेणी में बांट रखा है। पहले में वो उत्पाद हैं, जो पूरी तरह से भारत में बने होते हैं। दूसरे में जिनका कच्चा माल तो विदेशों से आता है, लेकिन उसे भारत में तैयार किया जाता है। और तीसरी श्रेणी में वे उत्पाद हैं, जो पूरी तरह से आयातित होते हैं। इनमें से पहली और दूसरी श्रेणी के उत्पादों को यहां बेचने की अनुमति है, लेकिन तीसरी श्रेणी के उत्पादों को 1 जून से नहीं बेचा जाना है।
केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार की ओर से सभी अर्धसैन्य बलों को भेजी गई चिट्ठी में कहा गया था कि गृह मंत्रालय के आदेशानुसार 1 जून से केपीकेबी के जरिए सिर्फ स्वदेशी सामान ही बेचे जाएंगे। बता दें कि सीएपीएफ कैंटीनों पर करीब 10 लाख अर्धसैनिक बलों के करीब 50 लाख परिवार वाले निर्भर हैं। इन सुरक्षा बलों में बीएसएफ, सीआरपीएफ,आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, एएसजी और असम राइफल्स शामिल हैं।
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