आर्टिकल 35A पर घमासान के बीच गिरिराज सिंह का आया बयान
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में 10 हजार अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती और अनुच्छेद 35ए हटाने की खबरों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को आगाह किया था कि राज्य में अनुच्छेद 35ए से छेड़छाड़ करना बारूद में आग लगाने जैसा होगा। वहीं, अब आर्टिकल 35A को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बयान आया है।

कई विपक्षी दल कश्मीर का विकास नहीं चाहते- गिरिराज
आर्टिकल 35ए के मुद्दे पर ट्वीट करते हुए गिरिराज सिंह ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कई विपक्षी दल कश्मीर का विकास नहीं चाहते, वो वहां के लोगों को 35ए के नाम पर डराते रहते हैं। कश्मीर में विकास की अपार संभावनाएं हैं, यह दूसरा स्विट्जरलैंड बन सकता है अगर इसमें फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जैसे लोग बाधक न बने।'

शाह फैसल ने कुछ बड़ा होने का अंदेशा जताया था
केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर में 10,000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती का फैसला किया था, जिसपर आईएएस ऑफिसर रहे शाह फैसल ने ट्वीट कर इशारा किया था कि सरकार 35ए को हटाने को लेकर कोई बड़ा कदम उठाने जा रही है। उन्होंने कहा था, 'घाटी में अचानक सुरक्षाबलों की 100 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती क्यों हो रही है, इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं है।' शाह फैसल ने कहा था कि ये भी अफवाह है कि घाटी में कुछ बड़ा भयानक होने वाला है।

क्या है अनुच्छेद-35ए
अनुच्छेद-35ए धारा 370 का एक हिस्सा है, जो कश्मीर के लोगों को विशेष अधिकार देता है। इस अनुच्छेद के तहत जम्मू-कश्मीर सरकार राज्य के नागरिकों को पूर्ण नागरिकता प्रदान करती है। राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति यहां किसी प्रकार की संपत्ति नहीं खरीद सकता है। यहां की महिला से शादी के बाद उसकी संपत्ति पर अपना हक भी नहीं जमा सकता है। इस कानून को लेकर लंबे समय से विवाद है और इस पर कई तरह की बयानबाजियां होती रही हैं।












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