NSSO सर्वे: कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों की बेरोजगारी के लीक डेटा पर संसद में बहस की मांग
नई दिल्ली: नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गनाइजेशन (NSSO)के श्रम शक्ति सर्वे के डेटा के मीडिया में आने के बाद कांग्रेस ने बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार पर तगड़ा हमला बोला है।गुरुवार को सर्वदलीय बैठक में कई विपक्षी पार्टियों ने इस मामले पर संसद में बहस की मांग की। लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रही मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस बेरोजगारी को चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है। वो बेरोजगारी के आंकड़ों का इस्तेमाल सरकार की विफलता को दिखाने के तौर पर कर रही है। राहुल ने इस मुद्दे पर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी के लिए 'The Fuhrer' शब्द का प्रयोग किया है। जर्मनी में इस शब्द का अर्थ लीडर होता है। लेकिन नाजी आर्मी इस शब्द का इस्तेमाल हिटलर के लिए करती थी।

बजट सत्र में बेरोजगारी पर बहस की मांग
गुरुवार को सर्वदलीय बैठक में राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाज और अन्य पार्टियों के प्रतिनिधियों से इस मसले को संयुक्त रूप से उठाया। कांग्रेस पार्टी के अलावा तृणमूल कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों सीपीएम और सीपीआई ने उठाया। इन सबने मांग की कि बजट सत्र में इस मामले पर चर्चा होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार सरकार ने इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

45 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी
सीनियर कांग्रेस नेता ने आंनद शर्मा ने कहा एआईसीसी में कहा कि बेरोजगारी दर 45 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, ग्रामीण पुरुषों के बीच बेरोजगारी की दर नोटबंदी के बाद फीसदी से बढ़कर 17.4 फीसदी हो गई है। वहीं ग्नामीण महिलाओं में 4.8 फीसदी से बढ़कर 13.6 फीसदी हो गई है। शहरी पुरुषों में बेरोजगारी दर 8.1 से बढ़कर 18.7 फीसदी हो गई और शहरी महिलाओं के बीच, यह 13.1 से बढ़कर 27.2 हो गई। शहरों में युवाओं की बेरोजगारी 7.8 फीसदी है जो अब तक सबसे ज्यादा है।

पीसी मोहनन ने दिया था इस्तीफा
आनंद शर्मा ने सवाल उठाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में रोजगार के पहलुओं को क्यों छोड़ा गया। अगर सच में रोजगार के वादे को पूरा किया गया है तो इस डेटा का जिक्र राष्ट्रपति के अभिभाषण में होना चाहिए था। गौरतलब है कि इस रिपोर्ट को जारी ना करने पर राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के दो सदस्यों पीसी मोहनन और जेवी मीनाक्षी ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया था। पीसी मोहनन एनएससी के कार्यकारी अध्यक्ष भी थे। पीसी मोहनन ने आरोप लगाया था कि एनएससी की मंजूरी के बाद भी सरकार इसे जारी नहीं कर रही है।












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