उपराष्ट्रपति चुनाव: विपक्ष ने खेला गुजरात कार्ड, पीएम मोदी की टेंशन बढ़ी
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर विपक्ष ने महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी का नाम आगे कर एक बड़ा दांव खेल दिया है।
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर विपक्ष ने महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी का नाम आगे कर एक बड़ा दांव खेल दिया है। विपक्ष के इस फैसले से पीएम मोदी और बीजेपी चीफ अमित शाह को मुश्किल को बढ़ा दिया है क्योंकि जिस तरीके के एनडीए ने रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर पूरे विपक्ष को अलग-थलग कर दिया था। वैसी संभावना इस बार नहीं होगी।

विपक्ष का मास्टरस्ट्रोक
गोपालकृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को तौर पर चुनने की सियासी वजहें हैं। महात्मा गांधी के सबसे छोटे पौत्र गोपाल गांधी की पारिवारिक जड़ें गुजरात में हैं इस लिहाज से विपक्ष को लगता है किउनके उम्मीदवार बनने से पीएम मोदी के लिए भी राजनीतिक स्थिति सहज नहीं होगी। एनडीए को भी उनका विरोध करे या ना करे इसको लेकर काफी विचार करना होगा। दूसरी तरफ गोपालकृष्ण गांधी के नाम पर ज्यादातर दल विपक्ष के कुनबे में शामिल हो सकते हैं।

गांधी नाम आएगा काम
कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं से गोपालकृष्ण गांधी के अच्छे रिश्ते हैं,कांग्रेस ने 2004 में उनको पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया था।उस दौरान पश्चिम बंगाल में वामपंथी सरकार थी तब तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी गोपालकृष्ण गांधी की प्रशंसक रहीं थी। इस लिहाज से माना जा रहा है कि तृणमूल भी उनके नाम पर मुहर लगाने में गुरेज नहीं करेगी। राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए का समर्थन करने वाले नीतीश कुमार गोपालकृष्ण गांधी के नाम पर विपक्ष के साथ आ सकते हैं। ये एक तरीके से विपक्ष को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।

राष्ट्रपति पद की रेस में भी था नाम
गोपालकृष्ण गांधी का नाम विपक्ष की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की रेस में भी था लेकिन अंतिम समय में कांग्रेस ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उम्मीदवार बना दिया। उसके बाद जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा था 'कांग्रेस के अड़ियल रवैये के चलते विपक्ष गोपाल कृष्ण गांधी को अपना उम्मीदवार नहीं बना पाया, जबकि उनको लेकर जदयू सहित सभी विपक्षी दलों में सहमति थी,अगर कांग्रेस मीरा कुमार का नाम गोपाल कृष्ण गांधी से पहले सामने ले आती तो भी जदयू को विपक्ष के प्रत्याशी के साथ जाने में कोई दिक्कत नहीं थी'।

5 अगस्त को मतदान होगा
चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। चुनाव के लिए 5 अगस्त को मतदान होगा। इस चुनाव के लिए नॉमिनेशन करने के लिए 18 जुलाई तारीख है, वहीं नॉमिनेशन जांच की आखिरी तारीख 19 जुलाई है। नामांकन वापस करने की तारीख 21 जुलाई है।












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