जस्टिस लोया की मौत की जांच को लेकर राष्ट्रपति के पास जाएंगे विपक्षी सांसद
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बीएच लोया की मौत का मुद्दा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है, अब विपक्षी दलों के तमाम सांसद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को इस मामले की जांच के लिए याचिका देंगे। जस्टिस लोया की की मौत को लेकर ना सिर्फ राजनीतिक दलों के नेता बल्कि खुद सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष जजों में भी नाराजगी देखने को मिली है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चार शीर्ष जजों ने सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में प्रेस कांफ्रेंस करके मुख्य न्यायाधीश की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे।

2014 में हुई थी जस्टिस लोया की मौत
पिछले कई दिनों ने तमाम राजनीतिक दल जस्टिस लोया की मौत को लेकर लगातार सवाल खड़ा कर रहे हैं, लेकिन अब विपक्षी दलों के सांसद ने इस मामले की जांच के लिए राष्ट्रपति से गुहार लगाने का फैसला लिया है। इससे पहले जस्टिस लोया के परिवार ने भी जस्टिस की मौत को लेकर सवाल खड़ा किया था। जस्सटिस लोया की वर्ष 2014 में अपने मित्र की बेटी की शादी से लौटते वक्त कथित रूप से हार्ट अटैक की वजह से मृत्यु हो गई थी। लेकिन यह मामला उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब कॉर्वान मैग्जीन ने उनकी मौत पर कई सवाल खड़ा करते हुए उसे संदिग्ध बताया था।

जस्टिस लोया के बेटे ने की थी प्रेस कॉफ्रेंस
इस पूरे विवाद के बाद जस्टिस लोया के बेटे ने मीडिया के सामने आकर कहा था कि वह इस मामले की किसी भी तरह की जांच नहीं चाहते हैं, उनके पिता की मौत सामान्य है और उन्हे किसी तरह की जांच नहीं चाहिए। इस प्रेस कॉफ्रेंस के बाद भी लोगों ने यह सवाल खड़ा किया था कि जस्टिस लोया के बेटे पर किसी तरह का दबाव है और प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान उनके हाव-भाव में वह देखा जा सकता था।

अमित शाह के मामले की सुनवाई कर रहे थे जस्टिस लोया
गौरतलब है कि जस्टिस लोया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिसकी चलते जस्टिस लोया की मौत पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरी घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच जस्टिस लोया की मौत के मामले की सुनवाई कर रही है।
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