अडानी मामले में जेपीसी जांच की मांग को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन, सोनिया गांधी और राहुल भी हुए शामिल
संसद में शुक्रवार को भी अडानी का मुद्दा उठा। बाद में विपक्षी दलों ने गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

संसद के बजट सत्र का दूसरा पार्ट जारी है। इस बार भी विपक्षी दल लगातार अडानी ग्रुप का मुद्दा उठा रहे। साथ ही संसदीय समिति का गठन कर मामले में जांच की मांग कर रहे। हालांकि सरकार ने कई बार कहा कि वो इसके लिए तैयार नहीं है। जिसको लेकर शुक्रवार को विपक्षी दलों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान सभी ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दरअसल हंगामे को देखते हुए 20 मार्च तक के लिए राज्यसभा और लोकसभा को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद विपक्षी दलों के सांसद परिसर में स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्ष दल के सांसदों के हाथ में कार्ड भी थे, जिस पर अडानी और मोदी सरकार के खिलाफ नारे लिखे हुए थे।
ईडी दफ्तर जाने से रोका था
बीते 15 मार्च को भी विपक्षी दलों ने बड़े प्रदर्शन की रणनीति बनाई थी। उस दिन वो संसद भवन से ईडी दफ्तर तक मार्च करने वाले थे और उनकी योजना ईडी अधिकारियों को ज्ञापन देने की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही उनको रोक दिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए सांसद वापस लौट आए। अब उन्होंने संसद परिसर में ही प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
राहुल के बयान पर भी हंगामा
एक ओर जहां विपक्षी दल अडानी ग्रुप का मुद्दा उठा रहे, तो वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी के लंदन वाले बयान को मुद्दा बना दिया है। वो राहुल गांधी से लगातार माफी मांगने को कह रहे हैं। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने अपने नेता का जमकर बचाव किया। मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वो खुद ही राष्ट्रविरोधी हैं और दूसरो को वो राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं क्योंकि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है और वो अडानी मामले, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे को छुपाने के लिए वो ऐसी बातें कर रहे हैं।












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