बीजेपी सांसद ने पेश किया नागरिक संहिता विधयेक, विपक्ष ने जताया विरोध
विपक्षी सदस्यों ने निजी सदस्यों के विधायी कार्य के दौरान राज्यसभा में भाजपा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा द्वारा भारत में समान नागरिक संहिता विधेयक, 2020 पेश किए जाने का विरोध किया।

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Winter Parliament Session,भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा एक समान नागरिक संहिता विधयेक 2020 की तैयारी और भारत के पूरे क्षेत्र में इसके कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय निरीक्षण और जांच समिति के गठन और उससे जुड़े या प्रासंगिक मामलों के लिए एक विधेयक पेश किया। किरोड़ी लाल मीणा पेश किए गए इस विधेयक का विपक्षी दलों ने विरोध किया है।
राजस्थान से बीजेपी के सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को राज्यसभा में निजी विधेयक 'भारत में एकसमान नागरिक संहिता विधेयक- 2020' का प्रस्ताव रखा। राज्यसभा में विपक्ष के सदस्यों ने जमकर इस विधेयक का विरोध किया। शोर शराबे के बीच मत-विभाजन के बाद 'भारत में एकसमान नागरिक संहिता विधेयक- 2020' विधेयक राज्यसभा में पेश हो गया।
सभापति विपक्ष के वर्ताव को लेकर नाराज भी हुए। सभापति ने उठकर कहा कि सदस्यों के पास बिल पेश करने का अधिकार है। अगर इससे किसी भी सदस्य को परेशानी है, तो उन्हें इसपर राय रखने का अधिकार है, लेकिन इस तरह विरोध करने की ज़रूरत नहीं है। सासंदों को शांत कराने के बाद उन्हें इस बिल पर राय देने को कहा गया।
तमिलनाडु से एमडीएम के सासंद वाइको ने कहा कि ये सरकार देश को बर्बादी की तरफ ले जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बिल को पेश नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद, केरल के IUML के सांसद अब्दुल वाहब ने कहा कि ये बिल देश के हित में नहीं है और उन्होंने इस बिल को वापस लेने की मांग की।
सपा सांसद राम गोपालयादव ने कहा कि अगर कोई बात संविधान के अनुकूल है तो उसे रखने से कोई रोक नहीं सकता, लेकिन अगर अनुकूल नहीं है, तो इन्हें रोका जा सकता था और इन्हें ये बिल वापस ले लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने ऐसा व्यवस्था की थी कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों को बुलडोज़ न किया जा सके। समान संहिता की बात सही नहीं।












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