मणिपुर पर बात करने के लिए विपक्ष नेता खड़गे ने राष्ट्रपति से मांगा समय, कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने कसा तंज
कांग्रेस ने मणिपुर मामले में बात करने को लेकर राष्ट्रपति से समय मांगा है, साथ ही रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
राज्यसभा में विपक्ष नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने भारत की राष्ट्रपति से मिलने के लिए भारतीय गठबंधन के फ्लोर नेताओं और 21 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। साथ ही उन्होंने मणिपुर का मुद्दा उठाने के लिए भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा है। वहीं, कांग्रेस राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
इसी मामले पर कांग्रेस के राज्य सभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 68 सांसदों ने मणिपुर पर चर्चा के लिए नोटिस दिया था लेकिन सरकार इससे भाग रही है। वे (सरकार) चर्चा चाहते हैं लेकिन ये एक घंटे से अधिक की चर्चा न हो और न ही विपक्ष को बोलने का मौका मिले। प्रधानमंत्री को सदन में आना होगा और इस मुद्दे पर बोलना होगा।

इसके साथ ही रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार मणिपुर से प्रतिशोध (बदला) ले रही है। मोदी सरकार पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर संसद की मर्यादाओं को बुलडोजर के नीचे कुचल रही है। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि मोदी सरकार ने यह निर्णय ले लिया है कि उन्हें मणिपुर के लोगों के साथ साथ मणिपुर शब्द से दिक्कत है।
मणिपुर की राजधानी इंफाल से 35 किलोमीटर दूर के कंगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर पूरे इलाके में घुमाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस मामले को लेकर एनडीए सरकार पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। साथ ही मणिपुर में कई महीनों से चल रहे विवाद पर सदन में बात करने को लेकर लगातार विपक्ष केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है।
बता दें कि मणिपुर में 3 मई से दो आदिवासी समुदाओं मैतेई और कुकी के बीच जातीय झड़प हो गई। मणिपुर में आदिवासियों को लेकर कुछ खास कानून हैं, जिसके तहत वे पहाड़ी इलाकों में रह सकते हैं। वहीं, मैतई समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा न मिलने के कारण वो पहाड़ी इलाकों में नहीं बस सकते हैं। जिसके लिए मैतई समाज खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा हासिल करवाने की मांग कर रही है।












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