लखीमपुर खीरी: विपक्ष ने निकाला विरोध मार्च, राहुल बोले- आज नहीं तो कल अजय मिश्र को जेल जाना ही होगा
नई दिल्ली। मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्तव में विपक्ष ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी और 12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन को लेकर विरोध मार्च निकाला। विपक्ष के नेताओं ने मार्च संसद परिसर में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक किया। इन दिनों सदन के अंदर और बाहर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के चलते राज्सभा को स्थगित करना पड़ा।

विरोध मार्च के दौरान विपक्ष लखीमपुर खीरी कांड को लेकर एकजुट नजर आया। वहीं राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री टेनी के बेटे ने किसानों को गाड़ी से कुचला, लेकिन सरकार अपना काम नहीं कर रही है। वहीं जांच रिपोर्ट में भी साजिश की बात सामने आई है। इसके अलावा राहुल गांधी ने कहा कि हम उन्हें नहीं छोड़ने वाले हैं। आज नहीं तो कल वो जेल जाएंगे।
राहुल गांधी के अलावा टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि प्रधानमंत्री हर दिन सदन की गरिमा को कम कर रहे हैं। कृषि कानूनों को निरस्त करने, विमुद्रीकरण जैसी घोषणाएं बिना चर्चा के की गई। 10 मिनट में बिल पास हो जाते हैं। जब वे हमें बोलने का मौका नहीं देते तो हम चिल्लाते हैं, नारे लगाते हैं।
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वहीं राज्यसभा सांसदों के निलंबन को लेकर केंद्रीय मंत्री एआर मेघावल ने कहा कि निलंबित सांसदों ने संसद की गरिमा को कम किया है। उन्हें कुछ पछतावा होना चाहिए। अगर वे माफी मांगते हैं तो सरकार निलंबन को रद्द करने के बारे में सोचेगी। संसदीय परंपरा रही है। अगर कोई सांसद संसद की गरिमा को कम करने के लिए कुछ करता है, तो उन्होंने माफी मांगी।
लखीमपुर खीरी कांड को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यसभा में बिजनेस नोटिस दिया। साथ ही गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। लखीमपुर खीरी कांड पर ही कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है। वहीं, सीपीआइ (एम) सांसद डा. वी शिवदासन ने AFSPA को वापस लेने पर चर्चा करने के लिए राज्यसभा में नियम 267 के तहत निलंबन नोटिस दिया है।












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