विपक्षी दलों ने भाजपा के खिलाफ लड़ाई को आजादी की लड़ाई बताया
मुंबई। केंद्र की मोदी सरकार को घेरने के लिए तमाम विपक्षी दलों ने शुक्रवार को मुंबई के सिओन में मैराथन बैठक का आयोजन किया, इस बैठक में तमाम नेताओं ने शिरकत की। इस बैठक के जरिए एक बार फिर से विपक्षी दलों ने एकता दिखाने कोशिश की। बैठक में तमाम दलों ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। बैठक का मुद्दा था सांझी विरासत बचाओ सम्मेलन, जिसे शरद यादव की मुहिम के बाद शुरू किया गया था, जिन्होंने जनता दल से अपना रास्ता अलग कर लिया था, उन्होंने इस मुहिम को भाजापा से आजादी की लड़ाई करार दिया है।

सरकार ने अंग्रेजी की नीति अपनाई
विपक्षी दलों की इस अहम बैठक में कई बड़े नेता शामिल हुए, जिसमे सीताराम येचुरी, आनंद शर्मा, अशोक जव्हाण, डी राजा, तारिक अनवर, जय प्रकाश यादव, जयंत चौधरी, अबू आजमी, सुखेंदु शेकर राय, राजु शेट्टी ने हिस्सा लिया। बैठक में बोलते हुए शरद यादव ने भाजपा पर आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार अंग्रेजो की नीति फूट डालो राज करो पर आगे बढ़ रही है। ये लोग देश को धर्म के नाम पर बांट रहे हैं, देश मे पिछले 70 वर्षों में कभी भी इस तरह की स्थिति नहीं आई। लेकिन यह कभी नहीं हो सकता है अगर तमाम विपक्षी दल एकजुट हो जाए। तथाकथित गौ रक्षक और सरकार के तमाम गुंडे ना सिर्फ लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं बल्कि संविधान को भी चुनौती दे रहे हैं। अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर देश के संविधान और मूल्यों को बचाने के लिए लड़ें।
टैक्स आतंकवाद फैला रही है मोदी सरकार
सांझी विरासत बचाओ भाजपा के खिलाफ विपक्षी दलों का एकजुट अभियान है, इससे पहले यह बैठक दिल्ली, इंदौर, जयपुर में हुई थी। मुंबई के बाद इस तरह के तमाम कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे। इस बैठक में सीताराम येचुरी ने सरकार से नोटबंदी और जीएसटी के मुद्दे पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने टैक्स आतंक फैलाया है। पुराने नोट मांगकर सरकार ने काला धन को सफेद किया है। जिनके पास यह काला धन था उन्हें अब इसपर ब्याज मिलेगा, व्यापारियों को दिए गए लोन जोकि वापस नहीं आ रहे हैं उसकी वजह से बैंक कंगाल हो रहे थे, लेकिन मोदी सरकार ने इस फैसले से बैंकों को कंगाल होने से बचाया है, लेकिन जीएसटी के नाम पर इस सरकार ने टैक्स आतंकवाद को बढ़ाया है।
धमकी देती है केंद्र सरकार
शरद यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह व्यक्ति भाषण देते नहीं थकता है, वह लगातार बिना थके बोल सकता है। आजतक मोदी सरकार ने सिर्फ वायदे किए हैं जिसे आजक पूरा नहीं किया गया है। आप सरकार की स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं जो कहती है कि हम हड़ताल पर चले जाएंगे। मोदी यह भूल गए हैं कि लोकतंत्र में उनका शासन नहीं बल्कि जनता का शासन चलता है। भाजपा को सिर्फ 31 फीसदी वोट मिले थे जबकि बाकी के 69 फीसदी वोट विपक्षी दलों को मिले हैं, ऐसे में हम अगर एक साथ आ जाए तो भाजपा को सत्ता से बाहर कर सकते हैं।












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