OPINION: कहीं से भी घंटे भर में हैदराबाद! गेमचेंजर साबित होगा तेलंगाना रैपिड ट्रांजिट सिस्टम

तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार शाम को प्रचार समाप्त हो रहा है। अभी तक के मुताबिक मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीआरएस के बीच में ही बताया जा रहा है। वैसे बीआरएस अपनी लगातार तीसरी जीत पक्की मान रही है।

दरअसल, इस आत्मविश्वास के पीछे वह कल्याणाकारी और विकास योजनाएं हैं, जो दो कार्यकालों में सीएम केसीआर सरकार ने शुरू किए हैं और उनपर अमल करके दिखाया है।

telangana trt project and ktr

तेलंगाना रैपिड ट्रांजिट सिस्टम साबित होगा गेमचेंजर!
तेलंगाना में सत्ता में आने के बाद से बीआरएस सरकार ने जिन योजनाओं पर ध्यान दिया है, उनमें मास ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी शामिल है। इस बार यही योजना गेमचेंजर साबित हो सकती है। खुद मंत्री केटी रामा राव (KTR ) ने तेलंगाना रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (TRT) के प्रस्तावों को सामने रखा है।

एनसीआर के आरआरटीएस की तर्ज पर निर्माण
उन्होंने अभी से साफ कर दिया है कि सत्ता में वापसी के साथ ही इन योजनाओं पर अमल शुरू किया जाना है। कुछ उसी तरह से जैसे केंद्र सरकार ने चार राज्यों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के इलाकों में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) पर काम किया है।

रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) पर 1,66,000 करोड़ रुपए की लागत से काम चल रहा है। यह दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के शहरी क्षेत्रों को सबसे तेज रेलवे सिस्टम से जोड़ने की पहल है।

तेलंगाना के किसी भी कोने से 1 घंटे में हैदराबाद
इसी तरह बीआरएस सरकार ने जो योजना तैयार की है, उससे तेलंगाना के किसी भी कोने से लोग एक घंटे के अंदर हैदराबाद पहुंच सकते हैं। यह साफ हो गया है कि तेलंगाना रैपिड ट्रांजिट (TRT) सिस्टम 9 नए मार्गों पर शुरू करने का प्रस्ताव है।

इसके लिए 792 किलोमीटर के लिए निर्माण होगा, जिसपर 55,440 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत आएगी। कल्पना की जा सकती है कि मौजूदा ट्रेनों, बसों और मेट्रो सेवाओं के अलावा पर्यावरण-अनुकूल टीआरटी सिस्टम शुरू होने से तेलंगाना का पब्लिक ट्रांसपोर्ट कितना तेज और सुगम हो जाएगा।

यह ऐसा अत्याधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर होगा, जिसके माध्यम से बिना किसी बाधा के घंटे भर में राज्य के किसी भी कोने से हैदराबाद पहुंचा जा सकेगा और लोगों को हैदराबाद शहर की ट्रैफिक के टेंशन लेने की भी जरूरत नहीं होगी। तेलंगाना के 10 जिलों में से किसी भी 9 जिले से हैदराबाद घंटे भर में आना अभी एक सपना हो सकता है, लेकिन आने वाले समय में यह हकीकत में तब्दील किया जाना है।

टीआरटी ट्रेनों की 180 किमी प्रति घंटे होगी रफ्तार
टीआरटी कॉरिडोर का निर्माण ग्रेटर हैदराबाद के आसपास 158 किलोमीटर लंबी बाहरी रिंग रोड के आसपास किया जाना है। टीआरटी की ट्रेनें अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे और औसत 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी। इसके लिए 9 रूट पर 792 किलोमीटर की रेलवे लाइन के निर्माण पर 70 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर की लागत का अनुमान रखा गया है।

तेलंगाना के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लिए क्रांतिकारी पहल
तेलंगाना सरकार ने आउटर रिंग रोड के आसपास नए मेट्रो नोडल प्वाइंट की पहचान करने और वहां से 9 रूट पर टीआरटी प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए एक प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है। तेलंगाना सरकार टीआरटी प्रोजेक्ट को राज्य के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक क्रांतिकारी कदम मान रही है।

जाहिर है कि बीआरएस को यह दावा करने का पूरा हक है कि वह है तभी ऐसे सपने देखे जा सकते हैं, जिसे उसकी सरकार पूरा करने में भी सक्षम है। इस प्रोजेक्ट को राज्य में हो रहे चुनावों के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। क्योंकि, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का भविष्य इसी बात पर निर्भर है कि राज्य में सरकार किसकी बनती है।

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