Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Operation Sindoor: कौन है ऑपरेशन सिंदूर का 'जेम्स बॉन्ड'? जिसने 25 मिनट में PAK के 9 आतंकी ठिकाने किए तबाह

Operation Sindoor: आज भारत ने पाकिस्तान में घुसकर उसके 9 आंतकी ठिकानों को पूरी तरह से खत्म कर दिया है और एक बार फिर से विश्व को ये संदेश दिया है कि 'भारत अब कमजोर नहीं, वो हिंदुस्तान की तरफ गलत नजर से देखने वालों की आंख फोड़ने की हिम्मत भी रखता है और शत्रुओं को उनकी भाषा में जवाब देना भी जानता है।'

हिंद की सेना ने एक बार फिर से आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को उसकी धरती पर ही बुरी तरह तबाह किया है, एयर स्ट्राइक के बारे में बात करते हुए बुधवार को सेना की ओर से पीसी में सिलसिलेवार ढंग से ये बताया गया कि '25 मिनट में 9 आतंकी कैंप को कैसे ध्वस्त किया गया, आर्मी की ओर से इस ऑप्रेशन को Operation Sindoor नाम दिया गया है।'

Operation Sindoor

'धर्म' पूछकर आतंकियों ने पर्यटकों पर चलाई थी गोली

इस नाम के पीछे पहलगाम में हुआ आतंकी हमला कारण है। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जिस तरह से कश्मीर की घाटी में आतंकियों ने 'धर्म' पूछकर 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारा था, ये ऑप्रेशन देश की उन बेटियों के ही नाम पर रखा गया है, जिन्होंने अपना सिंदूर यानी कि पति को खोया था।

कौन है ऑपरेशन सिंदूर का 'जेम्स बॉन्ड'?

लेकिन इस कठिन ऑप्रेशन की कमान उस इंसान के हाथ में थी , जिसे लोग संकटमोचन कहकर बुलाते हैं। जी हां आपने सही समझा, हम यहां बात कर रहे हैं एनएसए अजीत डोभाल की, जो कि मीडिया के कैमरे में पहलगाम हमले के बाद केवल तीन बार कैद हुए थे।

पहलगाम हमले के बाद ही डोभाल कर रहे थे ऑपरेशन सिंदूर की तैयारी

पहली तस्वीर उनकी 23 अप्रैल की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर नजर आई थी, जहां वो पीएम मोदी को रिसीव करने पहुंचे थे। आपको बता दें कि आतंकी हमले के बाद ही पीएम मोदी ने सऊदी अरब का दौरा बीच में छोड़ दिया था। पीएम मोदी ने अजीत डोभाल के साथ एयरपोर्ट पर ही एक मीटिंग की थी।

पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकियों की जलाई लंका

इसके बाद डोभाल बीते शुक्रवार और रविवार को दो बार मीडिया के कैमरे में तब नजर आए जब वो पीएम मोदी से उनके आवास में मिले थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि 6-7 मई की रात अजीत डोभाल अपनी स्पेशल टीम के साथ मिलकर पाकिस्तान के घर में घुसकर उसका सीना लहूलुहान कर देंगे वो भी तब, जब पाकिस्तान गहरी नींद के आगोश में होगा।

डोभाल को 'भारत का जेम्स बॉन्ड' कहा जाता है (Operation Sindoor)

आपको बता दें कि मात्र 25 मिनट में आतंकियों की लंका जलाने वाले डोभाल को 'भारत का जेम्स बॉन्ड' कहा जाता है और यही नहीं वो पीएम मोदी के 'मिस्टर भरोसेमंद' के नाम से भी जाने जाते हैं। मालूम हो कि 20 जनवरी 1945, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में जन्मे अजीत डोभाल 1968 बैच के इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) अधिकारी रहे हैं।

कीर्ति चक्र से सम्मानित होने वाले देश के पहले पुलिस अधिकारी

आपको बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक (2016) और एयर स्ट्राइक (2019) की सफल स्कीम में भी डोभाल का ही योगदान था। उस वक्त उन्होंने ही रणनीतिक योजना, इंटेलिजेंस इनपुट और लक्षित ठिकानों की पहचान करके दोनों स्ट्राइक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। उनके शौर्य और पराक्रम को देखते हुए ही उन्हें 1988 में 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया जा चुका है, जो कि वीरता के लिए भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांति कालीन सैन्य सम्मान है और वो वह इस पुरस्कार को पाने वाले पहले पुलिस अधिकारी हैं।

Take a Poll

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+