सिर्फ पीएम मोदी के भरोसे मुश्किल है BJP की राह, 5 राज्यों में चुनाव से पहले सर्वे ने बढ़ाई पार्टी की चिंता

नई दिल्ली, 21 जनवरी। वर्ष 2014 में जब लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि नरेंद्र मोदी ना सिर्फ पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज करेंगे बल्कि 2019 में एक बार फिर से इस प्रचंड जीत को दोहराएंगे। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को पीएम मोदी ने ना सिर्फ गलत साबित किया बल्कि केंद्र में तकरीबन 8 साल रहने के बाद भी अपने लोकप्रियता को बरकार रखने में सफल रहे हैं। देशभर में अभी भी पीएम मोदी की स्वीकार्यता लोगों में बनी है। लेकिन इन सब के साथ एक बड़ी बात जरूर है कि अब अकेले प्रधानमंत्री मोदी के दम पर भारतीय जनता पार्टी को दूसरे राज्यों में जीत दर्ज करना आसान नहीं रह गया है।

 तमाम मुश्किलों के बाद भी पीएम मोदी की लोकप्रियता बरकरार

तमाम मुश्किलों के बाद भी पीएम मोदी की लोकप्रियता बरकरार

अगले महीने देश के पांच अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव हैं और एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के लिए तीनों ही राज्यों में सबसे बड़े ब्रांड के तौर पर देखे जा रहे हैं। जिस तरह से कोरोना महामारी ने पिछले दो साल से देश की आर्थिक मोर्चे पर कमर तोड़ रखी है, चीन के साथ सीमा विवाद हुआ और तकरीबन सवा साल तक किसानों ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का विरोध किया उसके बाद भी लोगों का पीएम मोदी में भरोसा बना हुआ है। इंडिया टुडे-सी वोटर मूड ऑफ द नेशन के पोल के अनुसार पीएम मोदी की रेटिंग अभी भी बरकरार है।

अकेले मोदी के दम पर मुश्किल राह

अकेले मोदी के दम पर मुश्किल राह

साल 2014 में जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में आई तो उनकी लोकप्रियता के दम पर भाजपा ने 12 राज्यों में अपनी सरकार बनाई। पांच राज्यों के मुख्यमंत्री पीएम मोदी की मदद से काम कर रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री इसे डबल इंजिन की सरकार कहते हैं। लेकिन अगर इसका विश्लेषण करें तो भाजपा को इस नारे पर फिर से विचार करने की जरूरत है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव है वहां पर पीएम की लोकप्रियता तो काफी अच्छी है लेकिन देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों की लिस्ट में भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री कहीं पिछड़ते नजर आते हैं।

शीर्ष 9 मुख्यमंत्रियों में भाजपा शासित राज्य का सिर्फ एक CM

शीर्ष 9 मुख्यमंत्रियों में भाजपा शासित राज्य का सिर्फ एक CM

देश के सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री की बात करें तो पहले पायदान पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक हैं, जिन्हें 71.1 फीसदी रेटिंग मिली हैं, 69.9 फीसदी रेटिंग के साथ दूसरे नंबर पर ममता बनर्जी, 67.5 फीसदी रेटिंग के साथ तीसरे नंबर एमके स्टालिन, 61.8 फीसदी रेटिंग के साथ चौथे नंबर पर उद्धव ठाकरे, 61.1 फीसदी रेटिंग के साथ पांचवे नंबर पर पिनारयी विजयन, 57.9 फीसदी रेटिंग के साथ अरविंद केजरीवाल, 56.6 फीसदी रेटिंग के साथ हिमंत बिस्व शर्मा, 51.4 फीसदी रेटिंग के साथ 8वे नंबर प भूपेश बघेल, 44.9 फीसदी रेटिंग के साथ 9वे नंबर पर अशोक गहलोत आते हैं। यानि शीर्ष 9 नेताओं में सिर्फ एक ही भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं।

भाजपा/एनडीए शासित राज्यों के सीएम की रेटिंग

भाजपा/एनडीए शासित राज्यों के सीएम की रेटिंग

असम, गुजरात, उत्तराखंड, यूपी, एमपी के मुख्यमंत्रियों की रेटिंग 40 फीसदी से ऊपर है। वहीं हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और बिहार जहां पर भाजपा या उसके गठबंधन की सरकार है की रेटिंग 35-40 फीसदी के बीच है। हरियाणा, कर्नाटक, पुड्डुचेरी, गोवा में भाजपा/एनडीए के मुख्यमंत्रियों की रेटिंग 27-35 फीसदी के बीच है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो योगी आदित्यनाथ से 48.7 फीसदी लोग संतुष्ट हैं जबकि 75 फीसदी यूपी के लोग पीएम मोदी से खुश हैं। अगर पांच चुनावी राज्यों की बात करें तो यूपी में पीएम की रेटिंग 75 फीसदी, गोवा में 67 फीसदी, मणिपुर में 73 फीसदी, उत्तराखंड में 59 फीसदी, पंजाब में 37 फीसदी है।

बढ़ी पीएम मोदी की स्वीकार्यता

बढ़ी पीएम मोदी की स्वीकार्यता

सर्वे में हिस्सा लेने वाले 58 फीसदी लोग मोदी सरकार के कामकाज से काफी संतुष्ट हैं। जबकि 63 फीसदी लोग व्यक्तिगत तौर पर पीएम मोदी के काम से संतुष्ट हैं। अहम बात यह है कि पिछले साल अगस्त माह में पीएम मोदी की परफॉर्मेंस रेटिंग घटकर 54 फीसदी पहुंच गई थी, लेकिन एक बार फिर से लोगों भरोसा पीएम मोदी में बढ़ा है। हालांकि पीएम मोदी की लोकप्रियता वापस से बढ़ी है लेकिन अभी भी अगस्त 2020 की तुलना में काफी कम है। अगस्त 2020 में पीएम मोदी की रेटिंग सर्वाधिक 78 फीसदी थी, जब कोरोना संक्रमण की पहली लहर अपने चरम पर थी। पीएम मोदी की लोकप्रियता की तुलना में विपक्ष का कोई भी नेता उनके आस-पास भी नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की रेटिंग 46 फीसदी है। अगस्त 2021 में यह फासला कम हुआ था, जब 24 फीसदी लोगों ने मोदी और 10 फीसदी लोगों ने राहुल गांधी को वोट किया था।

लोगों का भरोसा बरकरार

लोगों का भरोसा बरकरार

देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर कौन सबसे पहली पसंद है, इस पायदान में पीएम मोदी शीर्ष पर हैं। जनवरी 2021 में पीएम मोदी को 28 फीसदी, अगस्त 2021 में 24 फीसदी, जनवरी 2022 में 52.5 फीसदी लोगों ने वोट कियाष वहीं राहुल गांधी को जनवरी 2021 में 7 फीसदी, अगस्त 2021 में 10 फीसदी, जनवरी 2022 में 6.8 फीसदी लोगों ने वोट किया। कोरोना महामारी के दो साल बाद के हालात पर नजर डालें तो अभी तक देश में 3.82 करोड़ से अधिक कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं जबकि 4.9 लाख लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके 22.2 फीसदी लोग मानते हैं कि एनडीए सरकार ने इस महामारी को बेहतर तरह से हैंडल किया है।

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