One Nation,One Election: क्या पीएम मोदी आकस्मिक चुनाव कराएंगे?
One Nation, One Election Bill: "एक राष्ट्र, एक चुनाव" यानी लोकसभा के साथ राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में एक साथ चुनाव। देश भर में एक साथ चुनाव करवाने संबंधी "वन नेशन वन इलेक्शन" विधेयक (One Nation, One Election Bill) केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल 16 दिसंबर (सोमवार) को लोकसभा में पेश करेंगे।
यह पहल कैबिनेट द्वारा संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2024 को मंजूरी दिए जाने के बाद की जा रही है।
"वन नेशन वन इलेक्शन" की पहल संसद और राज्य विधानसभाओं, दोनों के लिए एक निश्चित पांच साल के कार्यकाल की अखंडता को बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर किसी राज्य की सरकार कार्यकाल पूरा करने से पहले बीच में गिर जाती या भंग हो जाती है तो क्या सरकार मध्यावधि चुनाव कराएगी?

गौरतलब है कि "वन नेशन वन इलेक्शन" विधेयकों का ये मसौदा पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है। 2 सितंबर, 2023 को कानून मंत्रालय द्वारा स्थापित इस समिति को इस महत्वपूर्ण चुनावी बदलाव को सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक कानूनी और संवैधानिक संशोधनों की खोज करने का काम सौंपा गया था।
One Nation, One Election: कैसे संभव होगा पूरे देश में एक साथ चुनाव?
विधेयक के मसौदे के अनुसार, एक साथ चुनाव आम चुनाव के बाद लोकसभा के पहले सत्र में राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित की जाने वाली "निर्धारित तिथि" पर लागू होंगे। संविधान संशोधन विधेयक के अनुसार, इस निर्धारित तिथि के बाद चुने गए सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल लोकसभा के पूर्ण कार्यकाल के साथ समाप्त हो जाएगा, जिससे एक साथ चुनाव का रास्ता साफ हो जाएगा। इस समायोजन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, जिससे पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की स्थिति तैयार हो सके।
One Nation, One Election: कब होंगे देश भर में एक साथ चुनाव?
हालांकि, देश भर में एक साथ चुनाव कराने की बात 2024 के आम चुनावों के बाद लोकसभा की पहले सत्र के समय पर निर्भर करती है।चूंकि 2024 में निर्वाचित लोकसभा की पहली बैठक बीत चुकी है, इसलिए अब 2029 के चुनावों के बाद नई सरकार की पहली बैठक में एक साथ चुनाव कराने की तारीख तय हो सकती है। इसका मतलब यह है कि 2034 तक ही पूरे देश में एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं जब लोकसभा का सदन का पूरा कार्यकाल समाप्त होगा।
One Nation, One Election: क्या करवाएं जा सकेंगे मध्यावधि चुनाव?
वहीं यदि सरकार पांच साल कार्यकाल पूरा करने से पहले गिर जाती है, तो क्या चुनाव कराए जाएंगे। तो इसका जवाब है हां है। विधेयकों के अनुसार, यदि लोकसभा या किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश विधानसभा को पूर्ण कार्यकाल की समाप्ति से पहले भंग कर दिया जाता है, तो उस विधायिका के लिए अकेले पांच साल के शेष कार्यकाल के लिए मध्यावधि चुनाव होंगे।












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