वन नेशन वन इलेक्शन अगर संसद में पास हो जाता है तो देश में कब होंगे एक साथ चुनाव? जानें हर जवाब
One Nation One Election: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर को 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' यानी वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक को मंजरी दे दी है। 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' का उद्देश्य पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना है। वन नेशन वन इलेक्शन विधेयक अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की संभावना है।
सितंबर 2024 में मंत्रिमंडल ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को मंजूरी दी थी, जिसमें लोकसभा, विधानसभा, शहरी निकायों और पंचायतों के लिए एक साथ चुनाव कराने का प्रस्ताव था, ये सभी चुनाव 100 दिन की समय-सीमा के भीतर कराए जाने थे।

एक देश, एक चुनाव पर रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट को मोदी कैबिनेट से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। सरकार चाहती है कि इस बिल पर आम सहमति बने। इसलिए सभी स्टैक होल्डरों से चर्चा की जानी चाहिए। सरकार को उम्मीद है कि इस बिल पर आम सहमति बन जाएगी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि अगर वन नेशन वन इलेक्शन संसद से पास हो जाता है कि देश में फिर कब एक साथ चुनाव होंगे?
देश में कब और कैसे कराए जाएंगे वन नेशन वन इलेक्शन?
🔴 वन नेशन वन इलेक्शन का पूरा प्रोसेस तय करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी में 8 सदस्य है। इसका ठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था। रामनाथ कोविंद की कमिटी ने सुझाव दिए हैं...कि इस देश में कब और कैसे चुनाव कराए जाएंगे?
🔴 कोविंद कमिटी ने सुझाव दिया है कि वन नेशन-वन इलेक्शन लागू करने के लिए सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ा दिया जाए। इसके बाद पहले फेज में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं। उसके बाद दूसरे फेज में 00 दिनों के अंदर निकाय चुनाव कराए जा सकते हैं।
🔴 कोविंद कमिटी ने सुझाव दिया है कि हंग असेंबली, नो कॉन्फिडेंस मोशन होने पर बाकी 5 साल के कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जा सकते हैं।
🔴 चुनाव आयोग इसके लिए लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड तैयार कर सकता है।
🔴 कोविंद कमिटी ने इसके साथ ही एकसाथ चुनाव कराने के लिए डिवाइसों, मैन पावर और सिक्योरिटी फोर्स की एडवांस प्लानिंग की भी बात कही है।












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