उमर अब्दुल्लाह और बाकी लोग उतरे स्मृति ईरानी के बचाव में

यह विवाद मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षिक योग्यता को लेकर शुरू हुआ है। विवाद की शुरुआत हुई पहले मधु किश्वर के एक ट्वीट के साथ और फिर इस विवाद को आगे बढ़ाया कांग्रेस के नेता अजय माकन ने।
अजय माकन ने ट्वीट कर स्मृति पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की मानव संसाधन मंत्री सिर्फ 12वीं ही पास हैं।
बुधवार होते-होते स्मृति के समर्थन में भी कई आवाजें उठने लगीं जिनमें सबसे पहला नाम था जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह का। उमर ने ट्वीट कर स्मृति का बचाव करने की कोशिश की।
इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के सलाहकार रहे कंचन गुप्ता ने भी स्मृति ईरानी का बचाव किया।
उन्होंने ट्वीट कर स्मृति के आलोचकों को रबिंद्र नाथ टैगोर और स्टीव जॉब्स का उदाहरण दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से यूपीए में मौजूद कपिल सिब्बल जैसे लोगों ने शिक्षा का स्तर बिगाड़ा है, उन्हें कुछ भी कहने का कोई हक नहीं है।
सिर्फ इतना ही नहीं कई और लोगों ने स्मृति का बचाव करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है और कहा है कि 12वीं पास स्मृति ही इस पद की सही दावेदार हैं क्योंकि वह जानती हैं कि शिक्षा की क्या अहमियत होती है और यह लोगों के लिए क्यों जरूरी है।
ट्विटर पर इस समय स्मृति ईरानी जमकर ट्रेंड हो रही हैं और उनके समर्थन में कई आवाजें भी उठ रही हैं। कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि जिस तरह से यूपीए में उच्च शिक्षा वाले नेता जैसे मणिशंकर अयर पढ़े लिखे होने के बाद भी जबान पर लगाम नहीं लगा पाते थे, स्मृति ईरानी उनसे तो बेहतर ही साबित होंगी।












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