Omar Abdullah Bharat Jodo Yatra के बाद बोले, कुछ सियासी दोस्तों के न जुड़ने से निराश हूं
Bharat Jodo Yatra नेताओं की पदयात्रा के कारण सितंबर के बाद लगातार सुर्खियों में रही। श्रीनगर में यात्रा को विराम दे दिया गया। जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला यात्रा से जुड़ने के बावजूद निराश हैं। जानिए कारण

क्या पूर्व मुख्यमंत्री Omar Abdullah Bharat Jodo Yatra से जुड़ने के बावजूद 'निराश' हुए ? सवाल इसलिए अहम है क्योंकि जम्मू कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा को विराम दिया गया। एक दिन बाद प्रदेश के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला बातों ही बातों में 'दोस्तों की दगाबाजी' पर संकेत करते दिखे। अब्दुल्ला ने कहा कि वे कुछ दोस्तों के भारत जोड़ो यात्रा से न जुड़ने के कारण निराश हैं।
पदयात्रा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की नहीं
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा में शामिल नहीं होने वाले राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यात्रा प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का अभिषेक करने के बारे में नहीं थी। न ही इस पदयात्रा का मकसद कोई चुनावी गठबंधन बनाना था। उन्होंने कहा कि वह इस बात से निराश हैं कि कई राजनीतिक दल कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल नहीं हुए।
पार्टियों को गंभीरता से आत्मनिरीक्षण की जरूरत
उमर अब्दुल्ला ने भारत जोड़ो यात्रा के प्रसंग में इंडिया टुडे को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा, जिन राजनीतिक पार्टियों ने भारत जोड़ो यात्रा से दूर रहने का विकल्प चुना, उन्हें गंभीरता से आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि ऐसा क्या था जिसके कारण इन दलों को कांग्रेस की शुरू की गई पदयात्रा से दूर रहने का फैसला लेने पर मजबूर होना पड़ा। बकौल उमर अब्दुल्ला, पदयात्रा का मकदस केवल देश को यह संदेश देना था कि देश के बारे में सोचने के एक से अधिक तरीके भी हैं।
क्यों निराश हैं पूर्व मुख्यमंत्री ?
उमर अब्दुल्ला ने कहा, यह "आश्चर्यजनक" बात है कि जिन दलों ने खुद को भाजपा विरोधी बताया और दावा किया कि वे "सभी धर्मों को समान रूप से मानते हैं" ऐसी पार्टियों और नेताओं ने कांग्रेस की पदयात्रा से दूरी बना ली जिसका मकसद "एकता के बारे में संदेश देना था। उन्होंने कहा, "मुझे कुछ राजनीतिक दलों से इसकी उम्मीद थी, लेकिन मैं निराश हूं कि मेरे कुछ राजनीतिक मित्रों और कुछ युवा लोगों ने दूर रहना पसंद किया।"
कांग्रेस के साथ क्यों जुड़ी NC
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा के पीछे के संदेश से जुड़े थे। इसीलिए उन्होंने कांग्रेस नेता के साथ आने का फैसला लिया। उन्होंने यह भी बताया कि पुरानी पार्टी गुपकार गठबंधन का हिस्सा नहीं होने के बावजूद वह कांग्रेस के साथ क्यों खड़े हैं ? पूर्व सीएम Omar Abdullah ने कहा, "राजनीति केवल गठबंधन के बारे में नहीं है, यह इस बारे में भी है कि एक व्यक्ति या पार्टी किसके लिए खड़ी है। यह यात्रा देश को एकजुट करने के उद्देश्य से और सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा प्रचारित संदेश से इतर एक वैकल्पिक संदेश देने के मकसद से निकाली गई थी। मैंने इसके साथ जुड़ने का फैसला लिया और व्यक्तिगत स्तर पर महसूस किया कि मैं इसमें भाग लेना चाहता हूं।"
कांग्रेस के साथ वैचारिक समानता नहीं
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बारे में उनकी राय कांग्रेस से अलग है। इसके बावजूद, यात्रा का व्यापक संदेश उनकी विचारधारा से जुड़ा। उन्होंने कहा, "जहां तक अनुच्छेद 370 निरस्त करने पर कांग्रेस की राय का सवाल है, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच कोई वैचारिक समानता नहीं। इसके बावजूद यात्रा का व्यापक संदेश यह है कि वह (राहुल गांधी) एकजुट होने की जरूरत के बारे में, नफरत को दूर करने की बात करने को आगे आए।"
पीएम मोदी से पूर्व मुख्यमंत्री का तीखा सवाल
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोग उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ी संख्या में बाहर आए। उन्होंने यह माना कि "राहुल गांधी भाजपा को निशाने पर ले रहे हैं"। बकौल उमर अब्दुल्ला, जहां तक अनुच्छेद 370 निरस्त करने के बाद जम्मू कश्मीर में हालात बेहतर होने और कांग्रेस की पदयात्रा संभव होने का संबंध बताया जा रहा है, मूल सवाल ये है कि अगर सबकुछ सामान्य हो चुका है तो जम्मू-कश्मीर में चुनाव क्यों नहीं होते? भाजपा को बताना चाहिए कि तीन साल से अधिक समय से प्रदेश को चुनाव से वंचित क्यों रखा गया है ? उन्होंने सवाल किया, पीएम ने हाल ही में कहा था कि भारत लोकतंत्र की जननी है। फिर हम मातृविहीन क्यों हैं ? उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू और कश्मीर को लोकतंत्र से वंचित कर दिया गया है।
लोगों का सामना करने से डरती है भाजपा
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के परिसीमन से बीजेपी को कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा, "अगर उन्हें ऐसा लगता, तो वे अब तक चुनाव करा चुके होते।" भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि भाजपा लोगों का सामना करने से डरती है। इसके अलावा चुनाव न करने का कोई दूसरा कारण नहीं है।"












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