नए लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला का मुरीद विपक्ष भी, 5 साल पहले गहलोत ने कही थी ये बड़ी बात

नई दिल्ली। बुधवार को राजस्थान के कोटा से बीजेपी के सांसद ओम बिड़ला निर्विरोध नए लोकसभा स्पीकर चुने गए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोकसभा स्पीकर पद के लिए बिड़ला के नाम का प्रस्ताव किया। बिड़ला को स्पीकर बनाए जाने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हुआ, एक दिन पहले जब उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए लोकसभा सचिवालय में अपनी दावेदारी वाला नोटिस सौंपा तो लोगों को विश्वास नहीं हुआ था, बिड़ला को ये जिम्मेदारी सौंपना निश्चित तौर पर मोदी सरकार का चौंकाने वाला फैसला है।

राजस्थान में 'OM-Shanti' के नाम से मशहूर....

राजस्थान में 'OM-Shanti' के नाम से मशहूर....

वैसे बिड़ला की छवि एक ऐसे नेता की है जो सबको साथ लेकर चलने में भरोसा रखते हैं, उन्हें मृदभाषी और हंसमुख माना जाता रहा है और यही वजह है कि उनके अपने विरोधियों से भी काफी अच्छे संबंध है। पूरे राज्य में ओम बिड़ला और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वर्तमान यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल की दोस्ती के काफी चर्चे रहे हैं, एक बार तो विधानसभा सत्र में खुद सीएम अशोक गहलोत ने दोनों को 'OM-Shanti' कह कर संबोधित किया था, तब से ही दोनों नेताओं को इसी विशेषण से अलंकृत किया जाता है।

सीएम अशोक गहलोत ने भी की थी ओम बिड़ला की तारीफ

सीएम अशोक गहलोत ने भी की थी ओम बिड़ला की तारीफ

ओम बिड़ला की लोकप्रियता और काबिलियत पर आज से पांच साल पहले ही अशोक गहलोत ने कहा था कि बीजेपी प्रत्याशी ओम बिड़ला अच्छे विधायक हैं, इसलिए उन्हें विधायक ही रहने दो, गहलोत कई मौकों पर ओम बिड़ला की तारीफ भी कर चुके हैं लेकिन भाजपा ने बिड़ला को एमपी का टिकट दिया वो कोटा से सांसद चुने गए, कुल मिलाकर सार इतना है कि ओम बिड़ला एक ऐसे नेता हैं, जिनकी तारीफ पक्ष ही नहीं विपक्ष भी करता है।

शाह-मोदी के बेहद करीब हैं ओम-बिड़ला

शाह-मोदी के बेहद करीब हैं ओम-बिड़ला

बिड़ला को मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है, वो राजस्थान के हाड़ौती अंचल से देश के एक प्रमुख संवैधानिक पद पर विराजने वाले पहले नेता हैं, 4 दिसंबर 1962 को जन्मे ओम बिड़ला 2014 में 16 वीं लोकसभा के चुनाव में पहली बार सांसद बने थे और साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वह दोबारा इसी सीट से सांसद चुने गए, इससे पहले 2003, 2008 और 2013 में कोटा से ही विधायक बने।

तीन बार विधायक और दो बार सांसद

तीन बार विधायक और दो बार सांसद

इस प्रकार वह कुल तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। ओम बिड़ला सामाजिक कार्यों के लिए कोटा में काफी मशहूर हैं।वे विभिन्न माध्यमों के द्वारा सामाजिक सेवा, राष्ट्र सेवा, गरीब, वृ्द्ध, ​​विकलांग और असहाय महिलाओं की सहायता करने में रुचि रखते हैं। विकलांगों को मुफ्त साइकिलें, व्हीलचेयर और कान की मशीन प्रदान करने जैसे उनके कुछ उल्लेखनीय काम है।

कोटा को सबसे पढ़ा-लिखा संसदीय क्षेत्र कहा जाता है

कोटा को सबसे पढ़ा-लिखा संसदीय क्षेत्र कहा जाता है

कोटा को सबसे पढ़ा-लिखा संसदीय क्षेत्र कहा जाता है और बिड़ला दो बार सांसद चुने गए इसलिए प्रदेश में उन्हें लोग बुद्दिजीवियों का नेता भी कहते हैं, उनके परिवार की बात करें तो ओम बिड़ला की पत्नी अमिता बिड़ला पेशे से चिकित्सक हैं। पिता का नाम श्रीकृष्ण बिड़ला और माता का नाम शकुंतला देवी हैं, इनके दो बेटे और दो बेटियां हैं।

हमारे पूरे परिवार के लिए यह गर्व की बात: डॉ. अमिता बिड़ला

आज खुशी के मौके पर ओम की पत्नी अमिता बिड़ला ने कहा कि यह गर्व की बात है और इससे परिवार में सभी लोग खुश हैं। हम इसके लिए मोदी कैबिनेट को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने ओम को इस जिम्मेदारी के लिए चुना।

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