राम मंदिर ग्राउंड रिपोर्ट: अयोध्या के कायाकल्प से वैश्विक स्तर पर बदलेगी भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक छवि

Ayodhya Ram Temple: ऐतिहासिक और पौराणिक नगरी अयोध्या राम मंदिर के चल रहे निर्माण के साथ-साथ एक बदलाव का भी गवाह बन रहा है। अयोध्या का जिस तरह से कायाकल्प, उसे जिस तरह से सजाया और संवारा ये पूरे भारत के भक्तों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की प्रगति को देखने के लिए पूरे भारत से लोग आ रहे हैं।

सरकार ने इस परियोजना को सराहनीय रूप क्रियान्वित किया है। अयोध्या में भी काशी की तर्ज विश्वस्तरीय कॉरिडोर बन रहा है। इस कॉरिडोर का उद्देश्य भक्तों को आरामदायक और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अनुभव प्रदान करना है। इस कॉरिडोर का निर्माण टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) द्वारा किया जा रहा है।

Ayodhya Ram Temple

कॉरिडोर का मकसद पैदल चलने वाले भक्तों को सुविधा देना

TCE के मुख्य निर्माण प्रबंधक राजीव कुमार दुबे के नेतृत्व में कॉरिडोर का निर्माण कार्य जोरों-शोरों से चल रहा है। राजीव कुमार दुबे ने वनइंडिया की टीम को कॉरिडोर को बनाने के पीछे की योजना के बारे में बताया। ये पैदल चलने वाला कॉरिडोर भक्तों को बारिश और धूप से बचाने के लिए बनाया जा रहा है।

ये कॉरिडोर उन लोगों के लिए न्यूनतम सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई हैं, जो नंगे पैर प्रार्थना करने मंदिर जाते हैं। इस कॉरिडोर को बनाने का मकसद भक्तों की सुविधाओं का ध्यान रखना है। राजीव कुमार दुबे ने राम मंदिर के महत्व को बताते हुए कहा कि ये एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मील का पत्थर साबित होगा।

कॉरिडोर की दीवारों के लिए राजस्थान से लाल पत्थर और पुणे से राम मंदिर सुविधाओं के लिए स्टील गार्डर सहित देश भर से परियोजना के लिए सामान मंगाए गए हैं।

सरकार के कामों से खुश हैं भक्त!

भक्तों ने भी सरकार के कामों की सराहना करते हुए निर्माण पर खुशी जताई है। राम मंदिर का मॉडल बेचने वाले विक्रेता अर्जुन को निर्माण पूरा होने के बाद अपने बिजनेस में तेजी की उम्मीद है। उनको उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भक्त अयोध्या से लौटते वक्त राम मंदिर का मॉडल अपने साथ जरूर लेकर जाएंगे।

मंदिर परिसर में लॉकर रूम, पीने के पानी के कूलर, शौचालय और कपड़े बदलने की सुविधाओं के साथ भक्तों की हर जरूरतों का पूरा ध्यान रखा गया है।

लगातार अयोध्या आने वाले आगंतुक राज किशोर का मानना है कि मंदिर के पूरा होने से भारत की वैश्विक छवि फिर से परिभाषित होगी, जिससे पर्यटन में भी बढ़ोतरी होगी।

राजस्थान, महाराष्ट्र और हैदराबाद जैसे राज्यों से आए पर्यटकों ने मंदिर को आकार लेते देख अपनी खुशी व्यक्त की है। महाराष्ट्र के संभाजी नगर के एक परिवार ने कहा है कि वो यहां लगातार आ रहे हैं। बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी निर्माणाधीन राम मंदिर को देखने के लिए उत्सुक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी 2024 को मंदिर का उद्घाटन करने करेंगे। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भी बनकर लगभग तैयार हो गया है।

अयोध्या का राम मंदिर सिर्फ भक्ति की एक संरचना के रूप में नहीं बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन को अपनाने के प्रमाण के रूप में खड़ा है।

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