दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में ओडिशा की झांकी ने हासिल किया सवश्रेष्ठ स्थान
दिल्ली में 26 जनवरी को कर्तव्य पथ आयोजित राष्ट्रीय स्तर की गणतंत्र दिवस परेड में ओडिशा की झांकी ने सभी राज्यों की झाकियों को पछाड़ते हुए सर्वश्रेष्ठ झांकी चुनी गई है।

I&PR विभाग ने ये जानकारी देते हुए बताया कि राज्यों को पुरस्कार दो श्रेणियों में दिए गए जिसमें गणतंत्र दिवस परेड में सवश्रेष्ठ झांकी के रूप में जज की पसंद का पुरस्कार ओडिशा राज्य ने जीता और लोगों की पसंद का पुरस्कार गुजरात की झांकी ने जीता है।
बता दें तीन साल के गैप के बाद ओडिशा सरकार की ओर से झांकी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस के अवसर पर निकली गई।
गौरतलब है कि इस साल गणतंत्र दिवस की थीम 'भारत-लोकतंत्र की मातृका' (भारत-लोकतंत्र की जननी) और 'विकसित भारत' (विकसित भारत) थी, राज्य ने रघुराजपुर विरासत गांव में महिला सशक्तिकरण और अपने में एक 'कंदर्पा हाती' का प्रदर्शन किया। झांकी के पीछे 14 संबलपुरी नर्तकों का एक समूह था जो झांकी के दौरान नृत्य करता नजर आए।
बता दें ओडिशा की इस 45 फीट लंबी, 14 फीट चौड़ी और 16 फीट ऊंची झांकी को जाने-माने कलाकार गजेंद्र साहू और कीर्ति किशोर महाराणा ने डिजाइन किया था। इसके झांकी में दो दृश्य दर्शाए गए थे जिसमें कंदर्प हाटी की प्रतिकृति जिसमें कृष्ण लीला को दर्शाने वाला एक लोकप्रिय पट्टचित्र डिजाइन था जहां नौ महिलाएं हाथी की आकृति बनाने में जुटी हुई हैं) और दूसरा पुरी के रघुराजपुर गांव की महिला कारीगर।
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इस झांकी को डिजाइन करने कलाकार गजेंन्द्र साहू ने बताया कि झांकी में दिखाया गया कि कैसे रघुराजपुर के हर परिवार की महिलाएं स्थानीय शिल्प के साथ खुद को सशक्त बना रही हैं और राज्य के भीतर और बाहर अपने उत्पादों को बेचकर आर्थिक रूप से स्वतंत्र भी हो रही हैं।
वहीं इस झांकी को डिजाइन करने वाले दूसरे कलाकार कीर्ति किशोर महाराणा ने बतयाकंदर्पा हती के माध्यम से महिलाओं को हाथी के समान शक्तिशाली दिखाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा मुझे खुशी है कि आखिरकार हमें तीन साल बाद भाग लेने का मौका मिला और पुरस्कार जीता।












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