Train accident in Odisha: कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना, असल में हुआ क्या था?
Train accident in Balasore Odisha: ओडिशा के बालासोर जिले में हुए भयानक ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या 275 हो गई है। घायलों की तादाद भी 1000 से ज्यादा है।

Train accident in Balasore Odisha: ओडिशा में बालासोर के पास शुक्रवार शाम हुए भयानक ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या 275 हो चुकी है। इस हादसे में 1000 से अधिक यात्री जख्मी हैं, जिनमें से 50 से ज्यादा की हालत गंभीर है। हादसा बहानागा बाजार स्टेशन के पास हुआ था।

इस हादसे में तीन-तीन ट्रेनों की आपस में भिड़ंत हुई है। पहले बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। इसके बाद दूसरी तरफ से आ रही कोरोमंडल एक्सप्रेस बेपटरी हुई ट्रेन की बोगियों से टकरा गई।

फिर कोरोमंडल एक्सप्रेस तीसरी ट्रैक पर खड़ी एक मालगाड़ी से भिड़ गई। हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गईं और उनमें से कई भयानक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।

कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन हादसा: अभी तक की जानकारी?
1) पहला हादसा शुक्रवार शाम करीब 7.10 बजे बालासोर जिले के बहानागा बाजार स्टेशन के पास हुआ। इसमें बेंगलुरु से हावड़ा की ओर जा रही बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई और उसके दो डिब्बे दूसरी ट्रैक पर जा गिरे।
2) फिर हावड़ा की ओर से आ रही शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस उससे टकरा गई।
3) इस टक्कर में कोरोमंडल एक्सप्रेस की 12 बोगियां पटरी से उतर गए और वह तीसरी ट्रैक पर खड़ी एक मालगाड़ी से भी जा भिड़ी।
4) टक्कर इतना जोरदार था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया।
5) कोरोमंडल एक्सप्रेस की कई बोगियां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और हताहतों की संख्या बढ़ते जाने की वजह यही बताई जा रही है।
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6) रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 'पूरे मलबे को पूरी तरह खंगालने के बाद ही, जिसमें थोड़ा वक्त लग सकता है, हमें अंतिम टोल का पता चल सकेगा। अभी तो ऐसा लग रहा है कि यह संख्या और बढ़ेगी।'
7) कोरोमंडल एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक पीड़ित यात्री ने बताया कि 'मैं अपनी बर्थ पर सोया था, जब एक बहुत जोरदार आवाज आई, इसके बाद लोग मुझपर गिरने लगे। मैं किसी तरह से कंपार्टमेंट से बाहर निकला। मैंने कई लोगों को डिब्बों के नीचे फंसे हुए और चीखते हुए देखा।'
8) बहानागा बाजार स्टेशन, जहां हादसा हुआ है वह दक्षिण-पूर्व रेलवे के अधीन है और पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्टेशन से करीब 140 किलोमीटर दूर है।
9) रेस्क्यू टीमों के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों ने राहत और बचाव का काम शुरू कर दिया था और उन्होंने कई घायलों को मलबे से बाहर निकाल लिया।
10) घटनास्थल पर सबसे पहुंचने वालों में बालासोर के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी शामिल थे। उन्होंने मलबे को देखने के बाद कहा कि 'एक अभूतपूर्व त्रासदी' है। उन्होंने कहा, 'सैकड़ों की मौत और घायल हुए हैं। यह अकल्पनीय है।'












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