Odisha: सत्तारूढ़ BJD के निशाने पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव, BJP की चाल सुस्त!
अगले साल ओडिशा में अप्रैल-मई में होने वाले चुनावों को लेकर सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) पूरी ताकत झोंकने में लगी है। वहीं, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चाल सुस्त नजर आ रही है। पिछले पांच महीनों में बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक नहीं होने से इस बात की पुष्टी हो रही है। पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल चुनावों से पहले सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था का पुनर्गठन करने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं।
इस साल 23 मार्च को पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद सामल को पुराने पदाधिकारियों की टीम में फेरबदल करने में 5 महीने लग गए। विभिन्न गुटों और केंद्रीय नेतृत्व के साथ काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने 4 अगस्त को अपनी नई टीम की घोषणा की।

सामल की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारी समिति की पहली बैठक 20 मई को हुई, जिसमें पार्टी ने अगले चुनाव में ओडिशा को सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) मुक्त बनाने का संकल्प लिया। हालांकि, पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए पार्टी के राज्य स्तर पर कोई स्पष्ट कार्ययोजना नहीं है। बीजेपी के संविधान के अनुसार पार्टी को हर तीन महीने में बैठक कर पिछली बैठक में तय किए गए कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की समीक्षा करनी चाहिए और अगले तीन महीनों के लिए संगठनात्मक कार्यक्रम तैयार करना चाहिए।
सूत्रों ने कहा कि पार्टी में क्या चल रहा है, इस पर कार्यकर्ताओं के बीच कोई स्पष्टता नहीं है, खासकर ऐसे समय में जब सत्तारूढ़ बीजद अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों पर नजर रखते हुए आक्रामक रूप से विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएं शुरू कर रहा है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी का 5 दिवसीय प्रदर्शन
जैसे ही पार्टी अध्यक्ष ने जिलों का दौरा किया, अन्य सभी गतिविधियां रुक गईं। किसी योजना और कार्यक्रम के अभाव में पार्टी के कार्यकर्ता बेकार बैठे हैं और उन्हें कुछ पता नहीं है कि आगे क्या करना है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुदीप्त रे ने कहा कि पार्टी के सभी नेता 28 अक्टूबर को संपन्न अमृत कलश यात्रा में व्यस्त थे। अब पार्टी ने बीजद सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ 14 नवंबर से पांच दिनों के लिए सभी ब्लॉक मुख्यालयों में आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है।












Click it and Unblock the Notifications