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ओडिशा राजमार्गों पर साइकिल, पैदल यात्री ट्रैक के लिए मोटर एक्ट में करेगा संशोधन

नई दिल्ली, 17 सितंबर। साइकिल चालकों और पैदल चलने वालों के साथ हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ओडिशा सरकार, राज्य मोटर वाहन नियमों में संशोधन पर विचार कर रही है। नियमों के संशोधन होने पर सरकार साइकिल चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को राज्य और राष्ट्रीय हाइवे में अलग ट्रैक देगी। ओडिशा मोटर वाहन नियम, 1993 के नियम 162 में संशोधन करते हुए वाणिज्य और परिवहन विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि राज्य परिवहन प्राधिकरण को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोक निर्माण विभाग और अन्य विभाग जैसे ग्रामीण विकास और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण नामित सड़क का सीमांकन करें। साथ ही राज्य में सभी सड़कों और राजमार्गों पर पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और अन्य गैर-मोटर चालित सड़क उपयोगकर्ताओं को उचित स्थान दें।

NHAI

प्रस्ताव में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग, अन्य सड़क स्वामित्व वाले विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अपने अधिकार क्षेत्र के तहत राजमार्गों के हिस्सों पर हर 2 किलोमीटर में पैदल यात्री क्रॉसिंग की सुविधा प्रदान करेंगे। इसके अलावा सड़क सुरक्षा पर काम करने वाली एजेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि पीडब्ल्यूडी, अन्य सड़क स्वामित्व वाले विभाग और एनएचएआई राज्य में सभी नई और उन्नत सड़कों में साइकिल पथ और फुटपाथों का सीमांकन करें। साथ ही इसको लेकर अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष रुप से ध्यान देने के लिए कहा गया है।

इसके अलावा संशोधन में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि पुलिस और निर्माण विभाग, अन्य सड़क स्वामित्व वाले विभागों और एनएचएआई के परामर्श से सड़क सुरक्षा पर प्रमुख एजेंसी उन सड़कों की पहचान करने के लिए जिम्मेदार होगी जहां निजी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। ऐसी सड़कों को केवल पैदल यात्री क्षेत्रों में बदला जाएगा।

राज्य में प्रस्तावित संशोधन ऐसे समय में आया है जब सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में सड़क दुर्घटनाएं में बढ़ोतरी 2014 के मुकाबले 29% अधिक है। राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार ओडिशा में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से 33.33 प्रतिशत अधिक है। ओडिशा में जहां हर 100 सड़क दुर्घटनाओं में 48.2 लोगों की मौत होती है, वहीं राष्ट्रीय लेवल पर यह औसत 36.65 है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो-2018 के आंकड़ों के अनुसार, हिट एंड रन मामलों की संख्या ओडिशा में ज्यादा है।

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