ओडिशा: नवीन सरकार ने डॉक्टरों के लिए एंटी-माइक्रोबियल दवाएं लिखते समय ये चीज लिखना किया अनिवार्य
Odisha News: ओडिशा सरकार ने डॉक्टरों के लिए एंटी-माइक्रोबियल दवाएं लिखते समय इंडीकेशन और जस्टिफिकेशन लिखना अनिवार्य कर दिया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की आयुक्त-सह-सचिव शालिनी पंडित ने सभी निदेशकों, अधीक्षकों और सीडीएम और पीएचओ को निर्देश दिया है कि वे स्वास्थ्य और परिवार मंत्रालय के अनुसार एंटी-माइक्रोबियल लिखते समय अनिवार्य रूप से इंडीकेशन और जस्टिफिकेशन लिखने के लिए सभी डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी करें।

शालिनी पंडित ने कहा कि जैसा कि बताया गया है रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) आधुनिक चिकित्सा के कई लाभों को खतरे में डालता है और प्रतिरोधी रोगाणुओं के कारण होने वाले संक्रमण की प्रभावी रोकथाम और उपचार को खतरे में डालता है, जिसके परिणामस्वरूप लंबी बीमारी और मृत्यु का अधिक खतरा होता है।
उपचार विफलताओं के कारण लंबे समय तक संक्रामकता बनी रहती है और दूसरी पंक्ति की दवाओं की अत्यधिक उच्च लागत के परिणामस्वरूप कई व्यक्तियों में इस बीमारी का इलाज करने में विफलता हो सकती है। एंटी-माइक्रोबियल का दुरुपयोग और अति प्रयोग दवा-प्रतिरोधी रोगजनकों के उद्भव में मुख्य चालकों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध के विकास में देरी के लिए विवेकपूर्ण एंटीबायोटिक का उपयोग ही एकमात्र विकल्प है।
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