ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में सुधार, घर लौट रहे लोग

चक्रवाती तूफान फेलिन से पहले प्रशासन ने लगभग दो लाख लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया था। कुछ लोग घरों को लौट आए हैं, लेकिन अभी भी कई सारे लोग राहत शिविरों में मौजूद हैं। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पी.के.महापात्रा ने आईएएनएस को बताया, "सोमवार को हालत सामान्य हैं। आगे बाढ़ का खतरा नहीं है। ज्यादातर इलाकों से बाढ़ का पानी निकल चुका है।"
उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों में जाना शुरू कर चुके हैं। 12 अक्टूबर को राज्य में फेलिन के प्रवेश करने और उसके बाद पिछले सप्ताह बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी।
राज्य के 30 जिलों के 40 लाख लोग हालिया बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के पानी से बांधों में दरार आ गई और सड़कें टूट गईं। लगभग दो लाख हेक्टेयर खेती की जमीन, 4.7 लाख घरों को क्षति पहुंची है। राज्य में सोमवार को प्रभावित इलाकों में बारिश नहीं हुई। कई दिनों तक बादल छाए रहने के बाद कुछ स्थानों पर धूप भी निकली।
महापात्रा ने कहा कि इस आपदा के बाद बीमारी के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में 118 चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं। सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पीड़ितों के घर बनाने में मदद करना और बाढ़ प्रभावित आधारभूत संरचना का पुनर्निर्माण करना है।
चाइल्डफंड की भारत में निदेशक कैथरीन माणिक ने कहा, "आपदा की स्थिति में सबसे ज्यादा संवेदनशील बच्चे होते हैं। सामान्य जनजीवन में लगातार होने वाली बाधा से परिवारों के लिए उनके बच्चों की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।"
चाइल्डफंड ने प्रभावित इलाकों में बच्चों के लिए 15 केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है, जिनमें बच्चों को मानसिक-सामाजिक सहायता दी जाएगी और ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की वैकल्पिक सुविधा दी जाएगी, जहां स्कूल अभी तक नहीं खुल पाए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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