ओडिशा: कोरोना से लोगों को मरता छोड़ चार्ल्स शोभराज की जिंदगी जी रहे थे निष्कासित MLA प्रदीप पाणिग्रही
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को अपने एक विधायक को 'जन-विरोधी गतिविधियों' के चलते पार्टी से निष्कासित कर लोगों के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश किया है। आपको बता दें कि बीजद ने गोपालपुर के विधायक और पूर्व मंत्री प्रदीप पाणिग्रही को उनकी जन विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया। उनपर आरोप है कि वो अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता को कोरोना महामारी में छोड़कर ऐश-ओ-आराम की जिंदगी बिता रहे थे। इतना ही नहीं उनके सहयोगी विधायक के नाम पर लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।

पार्टी ने प्रदीप पाणिग्रही पर लगाए गंभीर आरोप
मंगलवार को एकबार फिर बीजू जनता दल की तरफ से मुख्यमंत्री द्वारा लिए गए इस फैसले को सही ठहराया गया है। पार्टी की तरफ से कहा गया है कि जब उनके निर्वाचन क्षेत्र के गंजम इलाके में कोरोना महामारी से लोग मर रहे थे तो उस वक्त वो (प्रदीप पाणिग्रही) चार्टड प्लेन के जरिए मुंबई और पुणे जैसे शहरों में ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जी रहे थे।
- इसके अलावा पार्टी ने आरोप लगाए हैं कि प्रदीप पाणिग्रही अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को धोखा देने का भी काम कर रहे थे। दरअसल, ओडिशा पुलिस ने निष्कासित विधायक के एक सहयोगी आकाश कुमार पाठक को गिरफ्तार किया है, जो बेरोजगार लोगों को टाटा मोटर्स में नौकरी का लोभ देकर लाखों रुपए की ठगी कर चुका था। आकाश कुमार पाठक IFS अधिकारी अभय कांत पाठक का बेटा है। इन दोनों की गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब ये दोनों अपनी आय की जानकारी देने में विफल रहे। प्रदीप पाणिग्रही अपने दोनों सहयोगी अभय और आकाश के साथ उस चार्टड प्लेन में यात्रा कर रहे थे, जिस वक्त गंजम में लोग कोरोना से जूझ रहे थे।
- इसके अलावा पार्टी ने खुलासा किया है कि प्रदीप पाणिग्रही अपने दोनों सहयोगियों के साथ मुंबई के होटल ताज में 84 लाख रुपए उड़ा चुके हैं। साथ ही दिल्ली के ताज होटल में भी अपने ऐश-ओ-आराम पर उन्होंने लाखों रुपए खर्च किए हैं।












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