Odisha: कौन बनेगा CM? क्या 'मिस्टर भरोसमंद' पर BJP करेगी भरोसा या मिलेगा सरप्राइज?
Who will become the Chief Minister of Odisha: ओडिशा में इस बार बीजेपी ने इतिहास रचा है, 24 साल पुरानी 'पटनायक की सल्तनत' को भाजपा इस तरह से नेस्तानाबूत कर देगी ये किसी ने नहीं सोचा था।
ये जीत कई मायनों में अहम है, इस जीत के बाद पहली बार भाजपा वहां सरकार बनाने जा रही हैं, ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल चल रहा है कि ओडिशा का सीएम अब कौन बनेगा?

वैसे तो इस रेस में कई लोगों के नाम आगे चल रहे हैं लेकिन चार लोगों का नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं और वो नाम हैं भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा सांसद जुएल ओराम, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा। जिसमें से धर्मेंद्र प्रधान का नाम इस लिस्ट में पहले नंबर पर है।
ओडिशा की सियासत को समझते हैं धर्मेंद्र प्रधान
बीजेपी के गलियारों में 'मिस्टर भरोसेमंद' के नाम से लोकप्रिय धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा की सियासत को बहुत अच्छी तरह से समझते हैं। पटनायक सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने में उनकी भूमिका हमेशा अहम रही है।
राजनीतिक विज्ञान में एमए हैं धर्मेंद्र प्रधान
26 जून 1969 में ओडिशा के तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान ने राजनीतिक विज्ञान में एमए किया है। खास बात ये है कि वो बीजेडी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। साल 2004 में ये भाजपा के टिकट पर पुरी से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे इसके बाद से लगातार वो लोकसभा का चुनाव जीतते आए हैं।
घोषणपत्र बनाने में धर्मेंद्र प्रधान का अहम रोल
दिल्ली पहुंचने के बाद भी ये ओडिशा से जुड़े रहे हैं, स्थानीय लोगों के बीच इनकी छवि काफी स्वच्छ और सरल है। इन्होंने इस बार के चुनाव में प्रबंधन की भी भूमिका निभाई थी।
'धर्मेंद्र प्रधान को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है'
और सबसे बड़ी बात ये कि चुनाव प्रचार के दौरान ये अमित शाह के साथ हर जगह दिखाई दिए, शाह ने हर रैली में भी बार-बार ये ही कहा कि 'इस बार ओडिशा में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है और धर्मेंद्र प्रधान को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है' इसलिए ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रधान ही सीएम की कुर्सी के लिए प्रबल दावेदार है।
सीएम की लिस्ट में संबित पात्रा का भी नाम
वैसे इस रेस में दूसरा बड़ा नाम भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा का हैं, पेशे से डॉक्टर पात्रा 2014 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने थे। वे पर्यटन विभाग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, हालांकि ये अक्सर अपने बयानों की वजह से भी चर्चित रहते हैं। मीडिया गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इन पर भरोसा कर सकती है।
जुएल ओराम भी भाजपा लगा सकती है दांव?
इसके अलावा जुएल ओराम भी ओडिशा में भाजपा का चर्चित चेहरा हैं, एक दिन पहले इन्होंने मीडिया में बयान दिया था कि 'वो मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश नहीं रखते हैं, लेकिन अगर उन्हें यह भूमिका सौंपी जाती है तो वह पद संभाल सकते हैं।' जिसके बाद से उनके सीएम बनने के कयास लग रहे हैं।
बैजयंत पांडा के नाम पर भी बीजेपी कर सकती है विचार
तो वहीं दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा भी मुख्यमंत्री बनने वाली की लिस्ट में शामिल हैं। इंजीनियरिंग और प्रबंधन की पृष्ठभूमि वाले पांडा बीजेपी का चर्चित चेहरा है, इन्हें भी राज्य के मुखिया की भूमिका की जिम्मेदारी मिल सकती है।
भाजपा हमेशा अपने फैसलों से चौंकाती है
ये तो रहा उन लोगों का जिक्र, जिनके बारे में कयास लगाए जा रहे हैं लेकिन भाजपा हमेशा से अपने फैसलों से चौंकाती आई है। दिसंबर 2023 में तीन राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद उसने उन लोगों को मुख्यमंत्री बनाया, जिनका जिक्र दूर दूर तक नहीं था। ऐसे में ये भी हो सकता है कि ओडिशा में जबरदस्त कमाल करने के बाद वो किसी नए चेहरे को ही राज्य की सत्ता सौंप दे।












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