Odisha Election: BJP-BJD गठबंधन का क्या हुआ, भाजपा ने प्रदेश नेताओं को दिल्ली क्यों बुलाया?
ओडिशा में लोकसभा चुनावों के साथ-साथ विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। वहां डेढ़ दशक बाद सत्ताधारी बीजू जनता दल और मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी में गठबंधन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
लेकिन, प्रदेश भाजपा नेताओं के बयानों की वजह से कई बार गठबंधन की संभावनाओं पर विराम लगता हुआ मालूम पड़ता है। जबकि, सियासी अटकलबाजियों के मुताबिक दोनों ही दलों के बीच लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गठबंधन की बातचीत फाइनल दौर में है।

ओडिशा का भाजपा नेतृत्व दिल्ली तलब
लेकिन, इसी बीच रविवार को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने अचानक पार्टी के प्रदेश नेताओं को दिल्ली तलब कर लिया। पार्टी के इस कदम को लेकर कहा जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश नेताओं को इसलिए बुलाया है, ताकि उन्हें हिदायत दी जा सके कि गठबंधन को लेकर भ्रामक टिप्पणियां करने से बचें।
गठबंधन पर गैर-जरूरी टिप्पणियों से बचने की हिदायत!
दरअसल, ओडिशा बीजेपी के अध्यक्ष मनमोहन सामल शुक्रवार को ही दिल्ली से भुवनेश्वर लौटे थे और उन्होंने बीजेडी के साथ गठबंधन की संभावनाओं का सिरे से खारिज कर दिया था।
लेकिन, इसके चार दिन के भीतर ही सामल के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश महासचिव (संगठन ) मानस मोहंती, प्रदेश प्रभारी विजयपाल सिंह तोमर और सह-प्रभारी लता उसेंडी वापस से दिल्ली बुला लिए गए।
इतनी जल्दी दोबारा दिल्ली बुलाए जाने के बारे में सामल ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों को लेकर जमीनी परिस्थितियों पर चर्चा करना चाहता है।
'गठबंधन के मुद्दे पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता'
उन्होंने दिल्ली रवानगी से पहले कहा, 'मुझे ताजा बैठक के एजेंडे की जानकारी नहीं है, लेकिन निश्चित रूप से यह हमारी तैयारियों के आसपास होगी।' जब उनसे सीधे गठबंधन के बारे में पूछ लिया गया तो उन्होंने कहा, 'गठबंधन के मुद्दे पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता।'
पटनायक के वीडियो आने के बाद भाजपा नेता हुए तलब!
दरअसल, इससे पहले एक वीडियो सामने आया था, जिसमें ओडिशा के मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी वीके पांडियन नजर आ रहे थे। उस वीडियो में पटनायक यह कहते हुए सुने जा रहे थे, 'राजनीति में अफवाहें और झूठ खराब हैं।'
हालांकि, ओडिशा के सीएम ने वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन बीजेडी सूत्रों का कहना है कि वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की ओर से गठबंधन को लेकर पहले की गई टिप्पणी पर ही निशाना हो सकता है। इसी के बाद गठबंधन पर प्रदेश बीजेपी नेतृत्व के सुर नरम पड़ते मालूम हो रहे हैं।
गुरुवार तक साफ हो सकती है ओडिशा में गठबंधन की तस्वीर!
बीजेडी के एक सूत्र के मुताबिक गठबंधन को लेकर चल रही बातचीत सकारात्मक नोट पर खत्म हुई है। सूत्र के मुताबिक, 'गुरुवार से पहले यह स्पष्ट हो सकता है, जिसमें सीटों का बंटवारा भी शामिल होने की संभावना है।'












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