ओडिशा कांग्रेस का बड़ा आरोप-सेफ्टी किट की खरीद में BJD के मंत्री ने किया 300 करोड़ का घोटाला
भुवनेश्वर। ओडिशा कांग्रेस इकाई ने सत्ताधारी बीजू जनता दल पर घोटाले जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने बीजेडी के मंत्री सुसांत सिंह और उनके विभाग के सीनियर अधिकारी पर 300 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। यह घोटाला कोरोना महामारी के दौरान मजदूरों के लिए सेफ्टी किट और वर्किंग टूल की खरीद में किया गया है। कांग्रेस इस घोटाले की शिकायत लोकायुक्त से करने वाली है।

ओपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप मांझी ने आरोप लगाया कि, ओडिशा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड के अंतर्गत पंजीकृत 28.22 लाख मजदूरों के लिए फंड की निकासी की गई है। लगभग 15 लाख मजदूरों के लिए काम करने वाले औजारों और सुरक्षा किटों की खरीद की गई है। जिसे विभाग की ओर से बहुत ही उंचे दामों में खरीदा गया है। मांझी का कहना है कि, इस खरीद में कम से कम 300 करोड़ रुपए का गबन किया गया है।
मांझी ने आरोप लगाया कि बाजार में 12 रुपये प्रति पीस में उपलब्ध गॉगल्स 60 रुपये प्रति यूनिट में खरीदे गए, जबकि सुरक्षा जूते 413 रुपये प्रति जोड़ी खरीदे गए। ये जूते बाजार में 185 रुपये में उपलब्ध हैं। हाथ के दस्ताने को 90 रुपये प्रति पीस के हिसाब से खरीदा गया, जबकि इनका बाजार मूल्य केवल 12 रुपए है। हेलमेट और हाथ के दस्ताने क्रमशः 110 रुपये और 130 रुपये प्रति यूनिट खरीदे गए। जबकि ये सामन बाजार में 45 रुपए प्रति पीस में बिकता है।
दो दिन पहले, कांग्रेस नेता सुदर्शन दास ने ओडिशा लोकायुक्त के पास एक याचिका दायर की थी। जिसमें ओडिशा राज्य सरकार द्वारा मास्क, परीक्षण किट, रियल-टाइम पीसीआर, रैपिड टेस्टिंग मशीन, पीपीई, नेबुलाइज़र और बाईपास मशीनों की खरीद में किए गए कथित भ्रष्टाचार की जांच की मांग की थी। दास ने अपनी शिकायत में कहा कि जिस कंपनी ने 21 मार्च को प्रत्येक नेबुलाइजर किट की कीमत 3,100 रुपये बताई थी, उसने 23 मार्च को इस किट की कीमत बढ़ाकर 5,900 रुपये कर दी थी। ओडिशा स्टेट मेडिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने उसी कंपनी से संशोधित कीमतों पर 5,00 नेबुलाइज़र किट खरीदे। जो बाजार में इसे 1600 रुपए में खरीदती है।












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